चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के फैशन डिजाइनिंग विभाग की ओर से पीएम-ऊषा योजना के तहत "फैशन इलस्ट्रेशन एंड रेंडरिंग" विषय पर आयोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप संपन्न हो गई। एम.वोक. एफटीएडी, बी.वोक. एफटीएडी और बी.ए. फैशन डिजाइनिंग के कुल 45 स्टूडेंट्स के साथ-साथ 5 फैकल्टी मेंबर्स ने वर्कशॉप में भाग लिया, जिसका संचालन ललित कला प्रशिक्षक रश्मिता कनोजिया ने किया। वह क्रिएटिव डिजाइन और आर्टिस्टिक रेंडरिंग तकनीकों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। फैशन डिजाइनिंग विभाग की प्रमुख डॉ. सुमिता सिक्का ने रिसोर्स पर्सन रश्मिता कनौजिया का स्वागत पौधा देकर किया।
तीन दिवसीय वर्कशॉप के दौरान स्टूडेंट्स ने फैशन इलस्ट्रेशन एंड रेंडरिंग में जरूरी स्किल्स सीखे। वर्कशॉप के पहले दिन फैब्रिक रेंडरिंग पर फोकस किया गया, जहां प्रतिभागियों ने सेक्विन फैब्रिक, साटन, डिजाइनर नेट और वेलवेट जैसी सामग्रियों के लिए रियलिस्टिक टेक्सचर और फैब्रिक मूवमेंट को दर्शाने का अभ्यास किया। दूसरे दिन लाइव ज्वेलरी रेंडरिंग को कवर किया गया, जिसमें मैटेलिक टेक्सचर और जैमस्टोन रिफ्लेक्शंस के साथ जटिल डिजाइनों को चित्रित करने की तकनीक सिखाई गई। तीसरे दिन ड्रेप्ड साड़ी रेंडरिंग पर चर्चा की गई, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि फैशन स्केच में साड़ियों के प्रवाह और तहों को कैसे कैद किया जाए ताकि उनकी सुंदरता और गति को दर्शाया जा सके।
एसडी कॉलेज के फैशन डिजाइनिंग विभाग की ओर से पीएम-ऊषा योजना के तहत आयोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप संपन्न
वर्कशॉप का समापन उनके कार्यों की प्रस्तुति के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने अपनी कृतियों का प्रदर्शन किया और रश्मिता कनौजिया से फीडबैक प्राप्त किया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने कनौजिया की उनके ज्ञानवर्धक सत्रों के लिए सराहना की तथा विद्यार्थियों को इंडस्ट्री रेलेवेंट स्किल्स से लैस करने तथा रचनात्मकता को पोषित करने में इस तरह की कार्यशालाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। आर्ट्स फैकल्ची डीन आशुतोष शर्मा ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता को तलाशने तथा वर्कशॉप के दौरान सीखे गए स्किल्स को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का समापन कॉलेज के रजिस्ट्रार डॉ. विवेक शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने वर्कशॉप में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए रश्मिता कनौजिया की सराहना की। साथ ही छात्रों और शिक्षकों को उनके उत्साह और समर्पण के लिए भी आभार जताया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने महत्वाकांक्षी फैशन डिजाइनरों के बीच आर्टिस्टिक एक्सीलेंस, इंडस्ट्री रेडीनेस और क्रिएटिव कांफिडेंस को बढ़ावा देने के विभाग के दृष्टिकोण को मजबूत किया।