चंडीगढ़। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल के तहत कार्य कर रही इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) ने देशभर के शिक्षण संस्थानों की रेटिंग लिस्ट जारी की है। देशभर की यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों को दी गई रैंकिंग में सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज ने 4 स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इससे पहले दो साल लगातार कॉलेज को 3.5 स्टार मिले थे। संस्थान की ओर से जारी 4-स्टार रैंकिंग से छात्रों के बीच नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में अग्रणी के रूप में इसकी प्रतिष्ठा मजबूत हुई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई रैंकिंग आधुनिक युग की उभरती मांगों के लिए उत्कृष्टता और अनुकूलनशीलता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन काउंसिल के तहत कार्यरत संस्थान इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों में व्यवस्थित रूप से नवाचार को बढ़ावा देती है। एसडी कॉलेज को इनोवेशन और स्टार्टअप प्रमोशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए यह उपलब्धि हासिल हुई है जो कि समय की बदलती आवश्यकताओं के अनुकूल होने के दृढ़ प्रयासों को दर्शाता है और छात्रों के फायदे के लिए क्वालिटी इनोवेशन और एंट्रप्रेन्योरशिप के कल्चर को पैदा करता है। यह रेटिंग नवाचार व वैज्ञानिक प्रकृति विकसित करने के लिए संसाधनों की उपलब्धता पर दी गई है।
जीजीडीएसडी की सफलता का श्रेय कॉलेज प्रबंधन के सहयोग, आईआईसी टीम के समर्पण और प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है, जिन्होंने नवाचार से प्रेरित उद्यमशीलता और अनुसंधान के माध्यम से युवा दिमागों को पोषित करने के लिए संस्थान के समर्पण पर जोर दिया। जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने आईआईसी टीम को बधाई दी और कहा कि यह बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जीजीडीएसडी कॉलेज के आईआईसी को मिले 4 स्टार्स से स्पष्ट होता है कि कॉलेज सक्रिय रूप से नवाचार-प्रेरित उद्यमशीलता, सहयोगात्मक नेतृत्व, अनुसंधान और विकास पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि युवाओं को उनके प्रारंभिक वर्षों में नए विचारों के साथ काम करने में सहायता मिल सके।
आईआईसी की रेटिंग में एसडी कॉलेज ने लगाई छलांग, पिछले दो सालों से हासिल कर रहा है 3.5 स्टार
वहीं, जीजीडीएसडी के आईआईसी के संयोजक डॉ.विक्रम सागर ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्री-इन्क्यूबेशन और इनक्यूबेशन पर काउंसिल के भविष्य के फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज का आईआईसी जीजीडीएसडी एमआईसी के नेतृत्व में होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और आईआईसी के लक्ष्यों को बढ़ावा देने के लिए स्व-संचालित गतिविधियों की एक श्रृंखला चला रहा है।
वर्ष 2018 में अपनी स्थापना के बाद से, आईआईसी जीजीडीएसडी ने राष्ट्रीय स्टार्टअप उद्देश्यों के साथ संरेखित करते हुए अनुसंधान, डिजाइन सोच और बौद्धिक संपदा विकास को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया है। पिछले वर्ष के दौरान, इसने विशेषज्ञ सत्र, पुरस्कार आधारित प्रतियोगिताएं, स्कूलों में आउटरीच कार्यक्रम और छात्र-नेतृत्व वाले व्यवसायों के लिए प्रदर्शनियां आयोजित की हैं, जिससे नवाचार और विकास के अवसर पैदा हुए हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में अपनी स्थापना के बाद से जीजीडीएसडी कॉलेज में आईआईसी लगातार विस्तार कर रहा है और अपने उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति कर रहा है। यह युवा छात्रों को प्रोत्साहित करने, प्रेरित करने और उनका पोषण करने के प्राथमिक आदेश के साथ काम कर रहा है। कॉलेज के आईआईसी ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित अधिकांश विशिष्ट मानकों को पूरा किया है। जीजीडीएसडी कॉलेज छात्रों को नए विचारों की खोज करने और भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में योगदान करने के लिए प्रेरित करता रहता है, जिससे नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में इसकी स्थिति मजबूत होती है।