उडुपी। कर्नाटक में उडुपी टाउन पुलिस ने सोशल मीडिया पर सांस्कृतिक पहलुओं पर व्याख्यान देने वाली कार्यकर्ता मीनाक्षी सहरावत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सहरावत ने चार जनवरी को यहां एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान दिया था और भारत के लिए महात्मा गांधी के योगदान पर सवाल उठाया था।
सहरावत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) और 353 (3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन करने वाले उडुपी आदमरू मठ के प्रशासक गोविंदा नागराजू को भी मामले में नामजद किया गया है।
उडुपी टाउन पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार की शिकायत के आधार पर पांच जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अनुसार, सहरावत ने ''बांग्ला से सबक'' विषय पर एक भाषण के दौरान अपनी टिप्पणी में महात्मा गांधी को दी गई 'राष्ट्रपिता' की उपाधि पर सवाल उठाया था। उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि महात्मा गांधी की अहिंसा की वकालत का उद्देश्य हिंदुओं को कमजोर करना था।
केरल में पुलिस पर हमला, 20 पादरियों पर मामला दर्ज
केरल के एर्नाकुलम-अंगमाली आर्चडायोसिस के बिशप हाउस में 11 जनवरी को विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में रविवार को 20 पादरियों के खिलाफ एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने बीएनएस की धारा 189 (2), 190, 191 (2) और 121 (2) के तहत मामला दर्ज किया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपों में गैरकानूनी रूप से एकत्र होना, दंगा करना और एक सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य का पालन करने से रोकने के लिए चोट पहुंचाना शामिल है। यह एफआईआर सेंट्रल पुलिस के सब इंस्पेक्टर अनूप सी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।
वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते समय घायल हो गए थे। इस बीच, एर्नाकुलम-अंगमाली के आर्चबिशप मार जोसेफ पैम्पलेनी ने रविवार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिये इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने का आग्रह किया।