मुंबई | मंगलवार यानी आज महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। शाम तक सरकार का गठन होना जरूरी है। ऐसा न होने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ेगा। देवेंद्र फडणवीस सोमवार शाम दिल्ली गए थे। वे अमित शाह से मिलेंगे।
ऐसे में मंगलवार को CM का ऐलान हो सकता है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का दावा है मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम तय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, 1 मुख्यमंत्री और 2 डिप्टी CM का फॉर्मूला तय हुआ है।
शाह से मिल सकते हैं फडणवीस, CM का ऐलान संभव, अघाड़ी नेता विपक्ष के लिए संयुक्त दावा पेश कर सकती है
महायुति की पार्टियों में हर 6-7 विधायक पर एक मंत्री पद का फॉर्मूला भी फाइनल हुआ है। इस हिसाब से भाजपा के 22-24, शिंदे गुट के10-12 और अजित गुट के 8-10 विधायक मंत्री बन सकते हैं।
दूसरी तरफ सोमवार को उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री में हुई बैठक में आदित्य ठाकरे को संयुक्त विधायक दल यानी दोनों सदनों (विधानसभा और विधानपरिषद) का संयुक्त नेता चुना गया। भास्कर जाधव को विधानसभा में शिवसेना (UBT) के विधायक दल का नेता और सुनील प्रभु को चीफ व्हिप चुना गया।
ढाई-ढाई साल के लिए CM बनेंगे फडणवीस और शिंदे
महाराष्ट्र में भाजपा को अब तक की सबसे बड़ी जीत दिलाने वाले देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार CM बनने जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक सोर्स ने दैनिक भास्कर को बताया है कि RSS और BJP ने राज्य में सरकार चलाने का फॉर्मूला तय किया है।
पहले ढाई साल फडणवीस और अगले ढाई साल शिवसेना चीफ एकनाथ शिंदे CM रहेंगे। CM पद छोड़ने के बाद फडणवीस को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा।
सोर्स के मुताबिक, भाजपा और RSS ने मिलकर फडणवीस की भूमिका तय की है। उन्हें ढाई साल CM बनाने पर भाजपा और शिवसेना में सहमति बन चुकी है। वहीं, फडणवीस को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर पार्टी हाईकमान और RSS राजी हैं।
नेता विपक्ष को लेकर MVA संयुक्त दावा पेश कर सकती है
विधानसभा चुनाव में किसी भी विपक्षी पार्टी को सदन में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के लिए जरूरी सीटें नहीं मिली हैं। नियमानुसार विधानसभा सीटों की कम से कम 10% सीटें जीतने वाली विपक्षी पार्टी को यह पद दिया जाता है।
अगर कई पार्टियों ने इससे ज्यादा सीटें हासिल की हों, तो सबसे ज्यादा सीट वाली विपक्षी पार्टी को यह पद दिया जाता है। इस बार ऐसा नहीं है इसलिए MVA के संयुक्त LoP पद का दावा कर सकती है। इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखकर प्री-पोल अलायंस का तर्क दिया जाएगा।