Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू • गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार

चंडीगढ़

दिल्ली पोएट्री फेस्टिवल में शहर की कवयित्री डॉ. साज़ीना ख़ान की कविताओं ने बिखेरी भावनाओं की गहरी छाप

Updated on Monday, November 25, 2024 19:23 PM IST

चंडीगढ़ ।  दिल्ली पोएट्री फेस्टिवल ने एक अविस्मरणीय साहित्यिक अनुभव का साक्षी बनने का अवसर प्रदान किया, जब चंडीगढ़ की कवयित्री डॉ. साज़ीना ख़ान ने अपनी नवीनतम कविता संग्रह "थ्रू द डेस्पेयर्स" से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कवयित्री की गहरी रचनाएँ, जिनमें "फायर ऑफ लाइफ", "एब्जॉर्ब" और "नो टाउन" शामिल हैं, उनके अद्वितीय तरीके को प्रदर्शित करती हैं, जिसमें वह मानव भावना और साहस के गहरे आयामों की खोज करती हैं। उनकी कविता गहरे प्रभाव से जीवन के संघर्षों, खुशियों और आत्ममंथन के क्षणों को व्यक्त करती है, जो पाठकों को सांत्वना और प्रेरणा प्रदान करती है।

"फायर ऑफ लाइफ" कविता में डॉ. ख़ान ने बताया कि उन्होंने इस कविता में अभिव्यक्तिपूर्ण रूपक का उपयोग कर निराशा को एक सर्वव्यापी और शुद्ध करने वाली अग्नि के रूप में चित्रित किया है, "क्या यह वही नरक है जो हर सांस को जलाता है, /जहाँ असमानता की लपटें आत्मा को चूमती हैं,  और जो कुछ था वह आशा की राख छोड़ जाती है?

उन्होंने बताया कि यह प्रबल रूपक जीवन के अंधेरे क्षणों से उबरने और आगे बढ़ने के सार्वभौमिक यात्रा को दर्शाता है, जो दर्शकों के साथ गहरी अनुगूंज उत्पन्न करता है। डॉ साज़ीना ने बताया कि उनकी कविता "एब्जॉर्ब" उस शांति और ताकत पर विचार करती है, जो पीड़ा को अपनाने और उसे सहन करने के लिए आवश्यक होती है, बिना खुद को खोए। यह मानव आत्मा की अद्भुत सहनशक्ति को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, और पाठकों को दर्द में भी अर्थ खोजने के लिए प्रेरित करती है।

डॉ. साज़ीना का कार्य सांस्कृतिक और भाषाई सीमाओं को पार करते हुए लिखित शब्द की शक्ति का कालातीत प्रमाण प्रस्तुत करता है। उनकी भावनाओं और विचारों के जटिल संगम से जीवन की नाजुकता और ताकत का गहरा एहसास होता है। एक ऐसे समय में जब कविता अपनी जगह पाने के लिए संघर्ष करती है, उनका स्वर आशा की एक चमचमाती किरण की तरह है, जो प्राचीन ज्ञान को आधुनिक संवेदनाओं के साथ जोड़ता है।

Have something to say? Post your comment
एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

: एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

: जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

: वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

: पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

: इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

: Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

: नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

: आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

: पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू

: विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू

X