मुंबई | महाराष्ट्र विधानसभा के नतीजे आगे के बाद 26 नवंबर तक सरकार का गठन होना है। इसकी वजह ये है कि विधानसभा का कार्यकाल इस दिन खत्म हो रहा है, सरकार गठित न होने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ेगा।
महायुति सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है। भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, 1 मुख्यमंत्री और 2 डिप्टी CM का फॉर्मूला तय हुआ है। महायुति की पार्टियों में हर 6-7 विधायक पर एक मंत्री पद का फॉर्मूला भी फाइनल हुआ है। इस हिसाब से भाजपा के 22-24, शिंदे गुट के10-12 और अजित गुट के 8-10 विधायक मंत्री बन सकते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 2019 के मुकाबले इस बार 4% ज्यादा वोटिंग हुई। 2019 में 61.4% वोट पड़े थे। इस बार 65.11% वोटिंग हुई।
रिजल्ट पर शरद की पहली प्रतिक्रिया, बोले- जनता के निर्णय का आकलन करेंगे
महाराष्ट्र के नतीजों पर NCP(SP) मुखिया शरद पवार ने कराड में प्रेस कांफ्रेंस कर पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- योगी आदित्यनाथ के दिए नारे (बंटेंगे तो कटेंगे) के चलते ध्रुवीकरण हुआ। जो हमें छोड़कर गए, उन्हें सफलता मिली। मराठा-ओबीसी वोट हमें नहीं मिला इस पर चिंतन करेंगे।
2 डिप्टी CM भी होंगे; शरद पवार बोले- योगी के बंटेंगे तो कटेंगे नारे से ध्रुवीकरण हुआ
अजित पवार को ज्यादा सीटें मिलने पर शरद बोले- इसे स्वीकार करने में कोई हर्ज नहीं है। यह जनता का निर्णय है, इसका आकलन करेंगे। हम घर नहीं बैठेंगे, आगे का चुनाव और बेहतर तैयारी से लड़ेंगे। बारामती से युगेंद्र को उतारने पर शरद ने कहा- किसी को तो चुनावी मैदान में उतारना था। युगेन्द्र को उतारने का फैसला गलत नहीं था। अजित और युगेंद्र कि तुलना नहीं हो सकती। वहीं, EVM के सवाल पर बोले- आधिकारिक जानकारी के बगैर इस पर कुछ नही बोलूंगा। भाजपा के पास काफी बड़ा आंकड़ा है। जो वादे किए गए थे, लोग अब उसके पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं।
भाजपा का स्ट्राइक रेट 88% NCP(SP) का सबसे कम 11%
इस चुनाव में मुकाबला 6 बड़ी पार्टियों के दो गठबंधन में था। महायुति में भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) शामिल हैं, जबकि महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार)।
149 सीटों पर लड़ने वाली भाजपा ने सबसे ज्यादा 132 सीटें जीती हैं। गठबंधन ने 288 सीटों में से रिकॉर्ड 230 सीटें जीतीं। भाजपा का स्ट्राइक रेट 88% रहा। कांग्रेस नेतृत्व वाले महा विकास अघाड़ी (MVA) को 46 सीटें मिलीं। इसमें सबसे कम 10 सीटें एनसीपी (शरद पवार) ने जीतीं और स्ट्राइक रेट 11% रहा।