नई दिल्ली | दिल्ली में पिछले 20 दिन से हवा में लगातार रहे बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान में बदलाव किए गए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के मुताबिक अब दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू होने पर 5वीं तक की सभी क्लासेस को ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा।
वहीं, दूसरी तरफ अगर GRAP-4 लागू होता है तो 12वीं तक की सभी क्लासेस फिजिकल न होकर ऑनलाइन मोड में लगाई जाएंगी। पहले स्कूलों से जुड़ा यह फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकारों के पास था, लेकिन अब इसे नियम बना दिया गया है। राजधानी में बुधवार को लगातार 5वें दिन AQI 400 के पार रिकॉर्ड किया गया। AQI के मुताबिक यह प्रदूषण की ‘गंभीर’ कैटेगरी है।
GRAP में ये दो बड़े बदलाव भी हुए
- GRAP-3 के तहत राज्य सरकारों को सार्वजनिक और नगर निगमों के कामकाजी समय में बदलाव करने कहा गया है। ताकि ट्रैफिक जाम कम हो और प्रदूषण घट सके। यह कदम हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए हो रहे प्रयासों का हिस्सा है।
- GRAP-4 के तहत एक मास्क एडवाइजरी भी लागू की गई है, जिसमें लोगों से कहा गया है कि जब हवा की क्वालिटी बहुत खराब हो, तो वे बाहर निकलते वक्त मास्क पहनें। यह कदम उनकी सेहत की सुरक्षा के लिए भी मददगार होगा।
50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के 50% सरकारी कर्मचारी घर से काम करेंगे। यह जानकारी पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दी। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जजों को डिजिटल सुनवाई का ऑप्शन दिया है।
स्टेज 3 लगने पर 5वीं और स्टेज 4 लागू होने पर 12वीं तक स्कूल ऑनलाइन लगेंगे
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना ने कहा कि जहां भी संभव हो सके, कोर्ट वहां डिजिटल तरीके से सुनवाई करें। वकील वर्चुअल पैरवी कर सकते हैं। दरअसल, कपिल सिब्बल समेत सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने यह मांग की थी। कोर्ट ने अपने स्टाफ के लिए मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से पूछा था- GRAP 4 लागू करने में देरी क्यों हुई
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-3 और GRAP-4 लागू करने में देरी के लिए आयोग और सरकार को फटकार लगाई थी। साथ ही कहा था कि अगले आदेश तक पूरे एनसीआर में स्कूलों को बंद रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम को सख्ती बरतने का निर्देश दिया था और कहा था प्रतिबंध लागू करने का काम स्थानीय अधिकारियों पर नहीं छोड़ा जाएगा।