चंडीगढ़ ,5 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । पंजाब यूनिवर्सिटी ट्रांसजेंड्र्स के लिए टॉयलेट बनाने वाली देश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है। यूनिवर्सिटी में फिलहाल पांच ट्रांसजेंड्र्स स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। साल 2016 में पीयू में पहली ट्रांसजेंडर स्टूडेंट ने दाखिला लिया था। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस आते ही अलग टॉयलेट की मांग उठ रही थी। प्रशासन ने शुरू में तो मामले को लेकर ढीला रवैया ही अख्तियार कर रखा था। इसके बाद पीयू में कई और स्टूडेंट्स का दाखिला हुआ। इसके बाद पीयू ने अलग टॉयलेट्स के लिए बजट पास किया। अप्रैल में निर्माण को लेकर संबंधित ठेकेदार को लेटर जारी किया गया और मई में काम शुरू हुआ। टॉयलेट बनकर तैयार है और इस सप्ताह में उपरोक्त वर्ग के इस्तेमाल के लिए ओपन होंगे। इसमें दो टॉयलेट सीट्स हैं और दो वॉशवेशन हैं। इसके अलावा फुल साइज का शीशा लगा हुआ है। मई में काम शुरू हुआ था : पीयू के स्टूडेंट्स सेंटर पर टॉयलेट बनाने काम मई में शुरू हुआ था। इसके बाद काफी दिनों के लिए काम रोक दिया गया। बनने में करीब महीने का समय लगा। अंतत: 5 नवंबर को पहला टॉयलेट बनकर तैयार हो गया। इस सप्ताह में इसको इस्तेमाल के लिए ओपन कर दिया जाएगा।एक टॉयलेट पर करीब 4 लाख 60 हजार खर्चा आया : पंजाब यूनिवर्सिटी ने पिछले साल में सीनेट की बैठक में 23 लाख का बजट टॉयलेट्स के निर्माण के लिए मंजूर किया था। इस राशि से 5 टॉयलेट्स का निर्माण होना है। इस लिहाज से एक को बनाने में करीब 4 लाख 60 हजार का खर्च आया है। दिसंबर तक 4 और टॉयलेट का निर्माण करेगी पीयू : पीयू को कुल 5 टॉयलेट बनने हैं जिनमें से 4 का निर्माण बचा है जोकि दिसंबर 2017 तक हर हाल में कंस्ट्रक्टर को करना है। फिजिक्स , केमिस्ट्री, लॉ और मैथ विभाग में चार और टॉयलेट का निर्माण पीयू प्रशासन करेगा। निर्माण समय पर पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार पर जुर्माना होगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी में 5 ट्रांसजेंडर
पीयू में फिलहाल 5 ट्रांसजेंडर पढ़ रहे हैं। उपरोक्त वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ रह धनंजय चौहान ह्यूमन राइट्स में एमए कर रहे हैं। ओशीन का दाखिला जर्मन में है तो प्रीत फैशन टेक्नोलॉजी इंस्टीटयूट और दिव्र्या हिंदी विषय की पढ़ाई कर रहे हैं। एक स्टूडेंट लॉ की पढ़ाई कर रहा है।
चंडीगढ़ में करीब 2200 ट्रांसजेंड्र्स
शहर में करीब 2200 ट्रांसजेंड्र्स हैं लेकिन सामाजिक बंधनों और दबाव के चलते ज्यादातर ने अपनी पहचान नहीं खोली है। चुनाव आयोग की लिस्ट के अनुसार शहर में केवल 13 ट्रांसजेंडर हैं लेकिन अब जागरूकता आने पर इस वर्ग के कैंडिडेट लगातार सामने आ रहे हैं।