चंडीगढ़,5 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) : केंद्र सरकार आधार कार्ड को हर जरूरी चीज से जोड़ रही है। जिससे इसकी उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। वहीं, आधार कार्ड जेनरेशन सेंटरों पर लापरवाही बरती जा रही है। राजपुरा निवासी बलकार सिंह के बेटे गुरजोत सिंह को दो आधार नंबर दे दिए गए हैं। पहले जहां आधार कार्ड बनवाने में चक्कर लगाने पड़ रहे थे, अब आधार कार्ड सरेंडर करने के लिए खाक छाननी पड़ रही है। बलकार सिंह गुरजोत के पुराने आधार नंबर को रद करवाना चाहते हैं और नए को जारी करवाना चाहते हैं। लेकिन कई महीनों से वे चंडीगढ़ स्थित यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) के सेक्टर-17 स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। बलकार ने बताया कि अगस्त में उन्होंने बेटे का आधार कार्ड ठीक करवाने के लिए डिप्टी डायरेक्टर के नाम लिखित अर्जी दी थी। लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी काम अटका है। पूछने पर सिर्फ इतना कहा जाता है कि नया कार्ड आ जाएगा। लेकिन कब तक आएगा यह कोई नहीं बताता। बलकार ने बताया कि गुरजोत के स्कूल में आधार कार्ड नंबर देना है। आए दिन स्कूल प्रबंधन बच्चे को इसके लिए परेशान करता है। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर वह क्या करें। बलकार ने बताया कि पहले गुरजोत को 994257905506 आधार नंबर जारी किया गया था। इसका आधार कार्ड भी उन्हें मिल गया था। लेकिन बाद में डिपार्टमेंट ने उन्हें 434756164037 नया नंबर जारी कर दिया गया। जिस कारण गुरजोत के ऑनलाइन दो नंबर दिखाता है। यूआइडीएआइ के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय में जो एप्लीकेशन आती है, उसे तुरंत आगे भेज दिया जाता है। पुराने और नए की कैरेक्शन में कुछ दिन लग जाते हैं।