चंडीगढ़, 07 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । हरियाणा की महिलाओं के लिए बड़ी चेतावनी है। महिलाओं को अगर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जनसभा में जाना है तो उनके काले दुप्पटे लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। अगर कोई महिला गलती से काला दुप्पटा लेकर सीएम के कार्यक्रम में चली भी जाती है तो उसे मानसिक रूप से सार्वजनिक जनसभा में अपना दुप्पटा उतारकर अपमानित होने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। (SUBHEAD)
हरियाणा के अस्तित्व में आने के पचास वर्ष में यह अपनी तरह की पहली घटना है। जिसमें सत्तारूढ़ सरकार ने महिलाओं के दुप्पटे उतरवाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया है। वह भी तब जब स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान बेटी-बचाओ,बेटी-पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय महिला जनसभा का आयोजन किया जा रहा हो। समूचा घटनाक्रम शनिवार को भिवानी के भीम स्टेडियम का है।(MOREPIC1)
हरियाणा में जहां दुप्पटे को महिलाओं की गरिमा की प्रतीक माना जाता है वहीं प्रदेश सरकार अपनी सरकारी मैगज़ीन में घूंघट को हरियाणा की शान बता चुकी है। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर तथा प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान जनविरोध का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में जेबीटी अध्यापकों समेत कई संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में काली झंडियां दिखाकर विरोध किया जा रहा है।(MOREPIC2)
जनसभाओं के दौरान होने वाले विरोध से बौखलाई हरियाणा सरकार ने आज महिलाओं के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान ही महिलाओं को अपमानित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जनसभा में भाग लेने के लिए स्वयं सहायता समूह,आंगनबाड़ी तथा अन्य एनजीओ से संबंधित जो भी महिलाएं काले सूट पहनकर आई थी उन्हें पंडाल के भीतर नहीं घुसने दिया गया। कई महिलाओं के लिए काला सूट ही मुसीबत बन गया। जिसके चलते महिलाएं या तो कार्यक्रम में भाग लिए बगैर ही लौट गई या फिर उन्हें कार्यक्रम समाप्त होने के लिए कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। (MOREPIC3)
सीएम की जनसभा में जो महिलाएं काले रंगे के दुप्पटे लेकर पहुंची हुई थी उन महिलाओं के दुप्पटे सभा स्थल से बाहर उतरवाकर ही उन्हें भीतर भेजा गया। इस तलाशी तथा दुप्पटे उतरवाए जाने पर महिलाओं को पुलिस कर्मियों के साथ झगड़ते हुए देखा गया। महिलाओं द्वारा विवाद खड़ा करने पर पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों का तर्क था कि उन्हें आला अधिकारियों के आदेश हैं।
इसके बाद ही महिलाओं के दुप्पटे बाहर उतरवाए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका था कि महिलाएं सभा के दौरान काले दुप्पटों का झंडी के रूप में इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री का विरोध कर सकती है। इस पूरे घटनाक्रम से महिलाओं में सरकार के विरूद्ध रोष पाया जा रहा है।
मीडिया कर्मियों के भी काले बैग करवाए जमा
जनविरोध के चलते मुख्यमंत्री इस कद्र हताश हो चुके हैं कि आज भिवानी रैली के दौरान मीडिया को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। मुख्यमंत्री की रैली में प्रिंट तथा इलैक्ट्रोनिक मीडिया के जो छायाकार काले रंग के बैग लेकर पहुंचे हुए थे उनके बैग भी बाहर ही जमा करवा लिए गए। जिस कारण मीडिया व अधिकारियों के बीच काफी बहस हुई।