मुंबई | महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन वापसी का आखिरी दिन है। ऐसे में महाविकास अघाड़ी और महायुति के पास अपने-अपने बागी उम्मीदवारों को मनाने के लिए कुछ ही समय बचा है।
दोनों ही गठबंधनों के दल अपने ऐसे बागी उम्मीदवारों को मनाने में जुटे हुए हैं, जो जीत-हार का समीकरण बदल सकते हैं। मुंबई के बोरीवली से भाजपा के बागी उम्मीदवार गोपाल शेट्टी ने भले ही उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, लेकिन अभी तक उन्होंने पर्चा वापस नहीं लिया है।
बागियों को मनाने में जुटे गठबंधन; इस बार 7995 उम्मीदवारों ने नामांकन किया
वहीं, शिवसेना (शिंदे) विधायक सदा सरवणकर ने माहिम सीट से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे के बेटे के खिलाफ नामांकन वापसी की शर्त रखी है। मनसे ने 25 सीट पर अपने उम्मीवार उतारे हैं।
शिवसेना और NCP में बगावत के चलते इस बार 6 बड़े दल मैदान में हैं। यही कारण है कि बागी भी ज्यादा हैं। प्रदेश की लगभग हर सीट पर बागी हैं। इस बार 7,995 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है।
6 पार्टियां चुनाव मैदान में, लगभग हर सीट पर बागी
शिवसेना और NCP में बगावत के चलते इस बार छह बड़े दल मैदान में हैं। इसी वजह से बागी भी ज्यादा हैं। प्रदेश की लगभग हर सीट पर बागी हैं। सबकी निगाह अब नाम वापसी की आखिरी तारीख, 4 नवंबर पर है। उसके बाद ही पता चलेगा कि लड़ाई कैसी होगी।
बोरिवली- गोपाल शेट्टी
दो बार भाजपा से सांसद रह चुके हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था इसलिए विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने संजय उपाध्याय को टिकट दे दिया।
उमरेड- राजू पारवे
शिंदे गुट की शिवसेना के नेता हैं। पार्टी ने रामटेक से लोकसभा चुनाव लड़ाया था, लेकिन हार गए। विधानसभा चुनाव में यह सीट भाजपा के पास चली गई। भाजपा ने सुधीर पारवे को मैदान में उतारा है।
अंधेरी पूर्व- स्वीकृति शर्मा
पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा की पत्नी हैं। कुछ दिन पहले ही शिंदे गुट की शिवसेना ज्वाइन की थी। पार्टी ने इस सीट से मुरजी पटेल को उम्मीदवार बनाया तो निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं।
चिंचवड- नाना काटे
अजित गुट की NCP के नेता हैं। सीट भाजपा के पाले में चली गई। भाजपा ने शंकर जगताप को उतारा है।
मानखुर्द-शिवाजीनगर- नवाब मलिक
इस सीट पर मामला बड़ा दिलचस्प है। नॉमिनेशन भरने की समय सीमा खत्म होने से कुछ मिनट पहले ही अजित गुट की NCP ने नवाब मलिक को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। मलिक पहले से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, मगर भाजपा विरोध कर रही थी।
भाजपा ने मलिक को दाऊद इब्राहिम का करीबी बताते हुए देशद्रोह सहित कई आरोप लगाए थे। इसी वजह से मलिक को टिकट नहीं मिल पा रहा था। हालांकि, 29 अक्टूबर को नवाब मलिक ने दो पर्चे दाखिल किए।
पर्चा भरने के बाद उन्होंने कहा, 'मैंने NCP उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी पर्चा दाखिल किया था। लेकिन पार्टी ने एबी फॉर्म भेजा और हमने दोपहर 2.55 बजे एबी फॉर्म जमा किया। अब मैं NCP का आधिकारिक उम्मीदवार हूं।'