चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज, चंडीगढ़ में मंगलवार को इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक पर सतत दृष्टिकोण विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया जिसमें बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एंजेलो जॉर्ज मुख्य वक्ता थे। जॉर्ज ने इस बात पर जोर दिया कि प्लास्टिक को कचरा नहीं समझा जाना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण को प्लास्टिक से नहीं, बल्कि प्लास्टिक के अनुचित निपटान से खतरा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को रीसाइकिल किया जा सकता है और छोटी-छोटी आदतें, जैसे प्लास्टिक को रीसाइक्लिंग बिन में डालना, एक बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं और इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्लास्टिक प्रदूषक के रूप में लैंडफिल में न जाए।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक एक आधुनिक आवश्यकता है और यदि इसका उचित प्रबंधन किया जाए तो यह मानव जीवन के लिए एक बड़ी संपत्ति है। इस सत्र में पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के जूलोजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुखबीर कौर भी मौजूद थीं। डॉ. कौर ने इस तरह की पहलों के महत्व और प्रदूषण प्रबंधन में सतत विकास की भूमिका पर प्रकाश डाला। सत्र के बाद जीजीडीएसडी कॉलेज और बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के बीच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंधन और रीसाइक्लिंग के संबंध में लैटर ऑफ एसोसिएशन पर हस्ताक्षर किए गए। बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने अपने ‘बॉटल फॉर चेंज’ अभियान के तहत कॉलेज कैंटीन को ‘बेंचेज ऑफ ड्रीम्स’ नामक रीसाइकल्ड प्लास्टिक बेंच दान में दिए।
बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने नियमित रीसाइक्लिंग के लिए प्लास्टिक वेस्ट को एकत्र करने हेतु कॉलेज कैंपस में विभिन्न स्थानों पर ‘प्लास्टिक कलेक्शन बैंक्स’ भी स्थापित किए। यह पहल ग्रीन कैंपस कमेटी, एनएसएस यूनिट और पर्यावरण सोसायटी ‘हरितिमा’ द्वारा की गई थी। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने इस प्रयास की सराहना की और डॉ. जसवीन दुआ, डॉ. ज्योति कटारिया, वरिंदर कुमार और डॉ. ज्योति जोशी की आयोजन टीम की प्रशंसा की, जिन्होंने आने वाले सालों में परिसर में प्लास्टिक के सतत उपयोग, प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग और रीसाइकल्ड प्लास्टिक के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए हैं, जिसका उद्देश्य लैंडफिल में जीरो प्लास्टिक वेस्ट प्राप्त करना है। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने प्लास्टिक का उपयोग जिम्मेदारीपूर्वक और टिकाऊ तरीके से करने का संदेश फैलाने की शपथ ली।