चंडीगढ़,2 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । हरियाणा में सरकार चाहे किसी भी राजनीतिक दल की क्यों न हो लेकिन दलित उत्पीडऩ की घटनाएं कभी नहीं थमी हैं। प्रदेश की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जहां गोहाना, मिर्चपुर के अलावा दलित युवतियों के साथ सामूहिक दुषकर्म की घटनाएं आम रही है वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भी पिछले तीन वर्षों के दौरान इस तरह की घटनाएं होती रही हैं।(SUBHEAD) पिछले तीन वर्ष के दौरान हरियाणा में दलित युवतियों के साथ दुष्कर्म,सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं के अलावा यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, कैथल आदि जिलों में शादी के समय दलित युवकों को घुड़चड़ी करने से रोकने जैसे कई घटनाएं हुई हैं। गृह विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कई आश्चर्यजनक जानकारियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार एकजून 2014 से 30 जून 2017 तक हरियाणा में दलित उत्पीडऩ की कुल 1948 की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस अवधि के दौरान रोहतक जिले में सबसे अधिक 156 घटनाएं दर्ज की गई हैं। दलित उत्पीडऩ की घटनाओं के मामले में दूसरे स्थान पर प्रदेश में एनसीआर के अंतर्गत आता जिला फरीदाबाद है। जहां इस अवधि के दौरान कुल 149 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस मामले में तीसरे स्थान पर गुरुग्राम से सटा मुस्लिम बाहुल मेवात है। जहां पिछले तीन वर्ष के दौरान दलित उत्पीडऩ की 140 घटनाएं दर्ज की गई हैं। पुलिस जिला हांसी ऐसा है जहां तीन वर्ष के दौरान सबसे कम 11 मामले दर्ज किए गए हैं। दलित उत्पीडऩ की घटनाओं में नीचले पायदान से 20 घटनाओं के साथ पंचकूला दूसरे तथा सोनीपत 31 घटनाओं के साथ तीसरू स्थान पर आता है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बी.एस. संधू के अनुसार प्रदेश के सभी पुलिस थानों को यह निर्देश जारी किए गए हैं कि थानों में आने वाल सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। जिसके चलते पुलिस थानों में आने वाली दलित उत्पीडऩ की घटनाओं को प्राथमिकता के साथ दर्ज किया जा रहा है।
इसी में बाक्स----
जिला का नाम दलित उत्पीडऩ की घटनाएं
गुरुग्राम 131
फरीदाबाद 149
पंचकूला 020
हिसार 104
सिरसा 055
जींद 092
फतेहाबाद 039
हांसी 011
रेवाड़ी 025
पलवल 128
नारनौल 115
मेवात 140
रोहतक 156
सोनीपत 031
झज्जर 075
भिवानी 109
दादरी 043
करनाल 089
पानीपत 082
कैथल 066
अंबाला 064
यमुनानगर 104
कुरूक्षेत्र 074