चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के पीजी डिपार्टमेंट ऑफ कामर्स एंड मैनेजमेंट और पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेज (यूआईएएमएस) की ओर से कॉलेज परिसर में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया तथा एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के सहयोग से संयुक्त रूप से 'फाइनेंशियल विजडम पर निवेशक जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेबी, मुंबई के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया थे। उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में सेबी के उत्तरी क्षेत्र प्रमुख अमित प्रधान, सेबी के डीजीएम बीके गुप्ता, एसबीआई-एमएफ के वाइस प्रेसिडेंट हेड नार्थ जीबी सिंह, सेबी, नई दिल्ली के इशप्रीत शामिल थे।
जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने विषय का परिचय दिया और यूआईएएमएस की निदेशक प्रो. मोनिका अग्रवाल ने औपचारिक स्वागत किया। इस सत्र में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में भाटिया ने भारतीय पूंजी बाजार के महत्व, नेचर, रेगुलेटरी, मॉनिटरिंग, कंट्रोल और साइट पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सकल घरेलू उत्पाद के मामले में 5वें स्थान पर है तथा पूंजी बाजार के आकार के मामले में चौथे स्थान पर है। भारतीय पूंजी बाजार टी+1 प्रणाली के निपटान को लागू करने वाला पहला देश है तथा उसने टी+0 प्रणाली का भी परीक्षण किया है। रिस्क मॉनिटरिंग और नियंत्रण तंत्र बहुत मजबूत है। सेबी की मूल भूमिका निवेशकों के हितों की रक्षा करना और बाजारों को रेगुलेट करना है।
उन्होंने युवा निवेशकों को सचेत रहने और सुरक्षित निवेश करने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एफएंडओ सेगमेंट राष्ट्रीय स्तर पर पास टाइम नहीं हो सकता। उन्होंने सुझाव दिया कि निवेशकों को बाजार में निवेश करने से पहले रिसर्च करना चाहिए। इस सत्र की अत्यधिक सराहना की गई तथा इसे युवा निवेशकों के लिए उनकी जीवन यात्रा में मार्गदर्शक बताया गया। जीजीडीएसडी कॉलेज की डॉ. निधि ग्रोवर ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा डॉ. यशपाल तनेजा ने इसका समन्वयन किया। लाभान्वित होने वाले छात्रों में कॉलेज के वित्तीय साक्षरता क्लब के सदस्य और यूआईएएमएस, पंजाब यूनिवर्सिटी के ईसीआरसी सदस्य शामिल थे।