चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के फिजिक्स क्लब- बोसोन्स की ओर से इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के सहयोग से "मेडिकल साइंस में हालिया प्रगति" पर 6 वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन चंडीगढ़ प्रशासन के साइंस एंड टेक्नोलॉजी एवं रिन्यूएबल एनर्जी विभाग द्वारा प्रायोजित था तथा इसमें डीबीटी बिल्डर योजना का सहयोग भी था। इस सम्मेलन में प्रमुख विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और छात्रों को मैटीरियल साइंस में सफलताओं की खोज करने और सहयोगात्मक चर्चाओं को बढ़ावा देने के लिए एक साथ लाया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की पूर्व कार्यकारी निदेशक तथा पंजाब बायोडायवर्सिटी बोर्ड की सदस्य सचिव डॉ. जतिंदर कौर अरोड़ा के मुख्य भाषण से हुआ। डॉ. अरोड़ा ने राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप अनुसंधान के महत्व पर बल दिया, विशेष रूप से सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सस्टेनेबल टेक्नोलॉजिस और मैटिरियल्स के विकास में। इस सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लैबोरेटरी, नई दिल्ली के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोफेसर (एसीएसआईआर) डॉ. बिपिन कुमार गुप्ता ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रकाशमान मैटीरियल्स के स्वदेशी विकास पर चर्चा की।
आईआईटी रोपड़ में फिजिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार ने सेंसर अनुप्रयोगों के लिए द्वि-आयामी सामग्रियों और हेटरोस्ट्रक्चर की क्षमता पर प्रस्तुति दी। एनआईटी कुरुक्षेत्र के प्रोफेसर यशचंद्र द्विवेदी ने लैंथेनाइड-डोप्ड सामग्रियों के ऑप्टिकल मॉड्यूलेशन और फॉस्फोरसेंट मूल्यांकन पर अंतर्दृष्टि साझा की। सम्मेलन ने थ्योरिस्ट्स और एक्सपेरिमेंटलिस्ट्स को विचारों के आदान-प्रदान तथा उभरते अनुसंधान क्षेत्रों का पता लगाने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया। प्रतिभागियों ने मैटिरियल साइंस में नवीनतम रुझानों पर परस्पर संवादात्मक चर्चा की तथा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए नई सामग्रियों के विकास हेतु रणनीतियों की पहचान की।
जीजीडीएसडी कॉलेज सोसायटी की प्रेसिडेंट वैशाली शर्मा ने सम्मेलन के मुख्य पैटर्न की भूमिका निभाई, जबकि प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने पैटर्न की भूमिका निभाते हुए सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. अजय शर्मा ने वैज्ञानिक आदान-प्रदान और नवाचार के लिए जीवंत वातावरण बनाने के लिए आयोजकों की प्रशंसा की तथा इस बात पर बल दिया कि इस तरह के सम्मेलन अनुसंधान को आगे बढ़ाने और भावी वैज्ञानिकों को प्रेरित करने के लिए आवश्यक हैं। जीजीडीएसडी कॉलेज सोसायटी के महासचिव डॉ. अनिरुद्ध जोशी भी इस दौरान उपस्थित थे और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के आयोजन छात्रों में वैज्ञानिक मानसिकता को बढ़ावा देते हैं।
राष्ट्रीय सम्मेलन में 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें कॉलेज और बाहर से शिक्षक, रिसर्च स्कॉलर्स और छात्र शामिल थे। कॉलेज के फिजिक्स विभाग की अध्यक्ष और सम्मेलन की संयोजक डॉ. नीलू महाजन, सह-संयोजक डॉ. संजीव कुमार और आयोजन सचिव डॉ. कृति शर्मा ने प्रतिभागियों और सहयोगियों को उनके उत्साह और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सम्मेलन के दौरान साझा की गई चर्चाएं और अंतर्दृष्टि अनुसंधान को आगे बढ़ाने तथा भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान देंगी।