नई दिल्ली,31 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । एनसीआर में पेट कोक और फर्नेस आयल पर रोक के खिलाफ औद्योगिक इकाइयां सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं। औद्योगिक इकाइयों ने पेट कोक और फर्नेस आयल की जगह वैकल्पिक ईंधन अपनाने के लिए कोर्ट से कुछ और वक्त दिये जाने की मांग की है। कोर्ट इस अर्जी पर 6 नवंबर को सुनवाई कर सकता है। मंगलवार को उद्योगों की ओर से बहस करते हुए वकील ने न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की पीठ के समक्ष अर्जी पर जल्दी सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वे लोग पेट कोक और फर्नेस आयल पर प्रतिबंध के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उन्हें इसकी जगह वैकल्पिक ईंधन अपनाने के लिए कुछ और वक्त चाहिए है। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के 24 अक्टूबर के आदेश के मुताबिक 1 नवंबर से पेट कोक और फर्नेस आयल का ईंधन इस्तेमाल करने पर रोक प्रभावी हो जाएगी ऐसे में उनके उद्योग बंद हो जाएंगे। कोर्ट ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए अर्जी को 6 नवंबर को संबंधित पीठ के समक्ष लगाने की मंजूरी दे दी।
मालूम हो कि पर्यावरण संरक्षण अथारिटी (ईपीसीए) ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली व एनसीआर का वायु प्रदूषण कम करने के लिए अद्योगों में पेट कोक और फर्नेस आयल को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक लगाने की मांग की है। गत 24 अक्टूबर को कोर्ट ने इस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कहा था कि यूपी, हरियाणा और राजस्थान की सरकारें उद्योगों में पेट कोक और फर्नेस आयल के प्रयोग पर रोक लगाएं और अगर सरकारें इस पर रोक लगाने में नाकाम रहती हैं तो एक नवंबर से कोर्ट का रोक आदेश प्रभावी हो जाएगा।