नई दिल्ली,31 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत ने पहली बार 100वें पायदान पर पहुंच एक नया मुकाम हासिल किया है, लेकिन सरकार का लक्ष्य अभी इससे बड़ा है। सरकार ने अगले कुछ वर्षो में इस रैंकिंग को 50वें स्थान पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि यह लक्ष्य संभव है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट 'डूइंग बिजनेस 2018' जारी होने के बाद वित्त मंत्री यहां संवादाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन सहित जो महत्वपूर्ण सुधार सरकार ने लागू किए हैं, उनका असर आने वाले महीनों में देखने को मिलेगा। इससे अगले कुछ वर्षो में देश की रैंकिंग में सुधार आएगा।
वित्त मंत्री के मुताबिक आर्थिक सुधारों का फल कुछ समय बाद मिलता है। भारत के विकास के संबंध में सरकार के रोडमैप की पुष्टि कारोबारी सुगमता की रैंकिंग में उछाल से होती है। सरकार और सुधारों के जरिये भारत की रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में पिछले साल देश 130वें नंबर पर था।
जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 50वें नंबर पर आने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि इस मुकाम पर पहुंचना संभव है। मोदी सरकार ने तीन साल में असाधारण गति से सुधार किए हैं। भारत अकेला देश है जिसका नाम रिपोर्ट में खास तौर पर सुधारों के लिए लिया गया है। इसी का परिणाम है कि भारत की रैंकिंग में 30 अंक का उछाल आया है। सरकार इसमें आगे भी सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की रैंकिंग में सबसे ज्यादा उछाल कर सुधारों के कारण आया है। हालांकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का प्रभाव अगली रैंकिंग में देखने को मिलेगा, क्योंकि इसे पहली जुलाई, 2017 से ही लागू किया गया है।