कोलकाता | पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना के जयनगर में 10 साल की बच्ची की मौत मामले में आरोपी का एक CCTV फुटेज सामने आया है। घटना से पहले आरोपी को एक दुकान में देखा गया।
CCTV फुटेज में 19 साल का आरोपी गुलाबी शर्ट पहने हुए दिखा, जो दुकान से बाहर निकलकर साइकिल पर जा रहा था। पुलिस का कहना है कि वह साइकिल पर ही नाबालिग को अपने साथ लेकर गया था।
पुलिस बोली, उसी साइकिल से बच्ची को ले गया था
पीड़िता की एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी और पीड़िता को साइकिल पर देखा था। इसी के बाद पुलिस को हत्यारे की पहचान करने और उसे पकड़ने में मदद मिली।
सीएम ममता ने इस मामले में पोक्सो एक्ट में केस दर्ज करने और दोषियों को 3 महीने में मृत्युदंड देने की मांग की। साथ ही कहा कि अपराध का कोई रंग, जाति या धर्म नहीं होता है। रेप केस का मीडिया ट्रायल बंद होना चाहिए।
दरअसल, जयनगर के कृपाखाली इलाके के कुलटाली थाना क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने 5 अक्टूबर को बच्ची का शव बरामद किया था। वह चौथी क्लास की छात्रा थी। परिवार ने बच्ची से रेप के बाद मर्डर का आरोप लगाया। घटना के विरोध में भीड़ ने महिस्मारी पुलिस चौकी में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था।
लकाता HC का आदेश- दोबारा पोस्टमॉर्टम कराएं बच्ची की मौत मामले में रविवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने लड़की के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने ये सुनवाई मृतक लड़की के माता-पिता की दायर याचिका पर की। कोर्ट ने निर्देश में कहा- सोमवार को बरुईपुर कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) की मौजूदगी में कल्याणी के AIIMS में पोस्टमार्टम कराया जाए।
पोस्टमॉर्टम कल्याणी AIIMS के डॉक्टर ही करें
जस्टिस घोष ने आदेश दिया कि पुलिस को POCSO एक्ट में इस मामले का केस दर्ज करना चाहिए। यदि कल्याणी AIIMS में पोस्टमॉर्टम के लिए आवश्यक बेसिक स्ट्रक्चर की कमी है, तो इसे कल्याणी में मौजूद जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल में कराया जाए।
जस्टिस ने निर्देश दिए हैं कि पोस्टमॉर्टम कल्याणी AIIMS के डॉक्टर ही करें। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर नहीं। लड़की का शव अभी कांतापुकुर के पीएम हाउस में है। यहीं पर शव का पहला पोस्टमार्टम किया गया था।
परिवार बोला- बच्ची के शरीर पर कई चोटें, हाथ-पैर टूटे थे
पीड़ित परिवार का घटना को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। बच्ची की चाची ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि उसके (बच्ची) शरीर पर कई चोटें थीं। हाथ-पैर टूटे हुए थे। परिवार ने पुलिस पर मामले को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।
चाची ने बताया कि बच्ची 4 अक्टूबर को ट्यूशन गई थी। वापस लौटते समय लापता हो गई। उसके पिता ने बच्ची को हर जगह ढूंढने की कोशिश की लेकिन जब वह उसे नहीं ढूंढ पाए तो महिस्मारी पुलिस चौकी गए। हालांकि, वहां पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और जयनगर थाने जाने को कहा।