चंडीगढ़,27 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) : हरियाणा सरकार ने पंचकूला में जजों की सुरक्षा में तैनात पैरामिलिट्री फोर्स हटाने की इजाजत अदालत से मांगी है। सीबीआइ कोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख राम रहीम को सुनाई गई सजा के बाद हालात बिगड़ने पर पंचकूला के न्यायाधीशों को पैरामिलिट्री फोर्स की सुरक्षा प्रदान की गई थी। हाईकोर्ट ने ही पंचकूला के सभी जजों को सुरक्षा प्रदान करने के आदेश दिए थे। सरकार ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि प्रदेश से सभी पैरामिलिट्री फोर्स जा चुकी हैं। ऐसे में जो सुरक्षाकर्मी पंचकूला के जजों की सुरक्षा के लिए बचे हैं, उन्हें जाने की इजाजत दी जाए। हरियाणा सरकार की अर्जी पर शुक्रवार को पूर्ण पीठ के सदस्य जस्टिस सूर्यकांत के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ इस अर्जी पर अगले शुक्रवार को सुनवाई करेगी। आदेश के बगैर सरकार पंचकूला के जजों की सुरक्षा से पैरामिलिट्री फोर्स वापस नहीं भेज सकती। हरियाणा सरकार की तरफ से दायर अर्जी में कोर्ट को बताया गया कि सीबीआइ जज द्वारा राम रहीम के खिलाफ फैसला सुनाने से पहले ही उनकी सुरक्षा में 12 पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे जो अभी भी हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन समेत पंचकूला के सभी न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई थी। सेशन जज की सुरक्षा में उनके दो पीएसओ के अलावा चार अन्य सुरक्षा गार्ड व अन्य सभी एडीशनल सेशन जजों की सुरक्षा में दो गनमैन व अन्य न्यायिक जजों को एक गनमैन उपलब्ध करवाया गया था। सरकार ने अपनी अर्जी में कहा है कि 4 सितंबर को सुरक्षा रिव्यू की हाई लेवल बैठक हुई थी जिसमें सीबीआइ जज जगदीप सिंह को जेड प्लस सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया था। अर्जी में कहा गया कि अब पैरामिलिट्री फोर्स की जरूरत नहीं है।