भद्रक | बेंगलुरु के महालक्ष्मी मर्डर केस के मुख्य आरोपी ने ओडिशा के भद्रक जिले के गांव में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस को उसके पास से एक डायरी बरामद हुई है। बेंगलुरु पुलिस भी आरोपी की तलाश कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम मुक्तिरंजन रॉय है। उसका शव अरडी पुलिस चौकी के भुइनपुर गांव के पास पेड़ पर लटकता मिला। उसकी बाइक भी वहीं खड़ी मिली। डायरी में मुक्तिरंजन ने महालक्ष्मी के मर्डर की बात कबूली है।
ओडिशा के गांव में पेड़ पर लटकता मिला शव, डायरी में हत्या की बात कबूली
पुलिस के मुताबिक महालक्ष्मी और रंजन साल 2023 एक-दूसरे जानते थे और रिलेशनशिप में थे। दोनों एक ही मॉल में काम करते थे। मल्लेश्वरम में एक कॉस्ट्यूम आउटलेट में टीम लीडर रही महालक्ष्मी अपने पति हेमंत दास 4 साल पहले अलग हो गई थी।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी कहा था कि संदिग्ध के ओडिशा में होने की जानकारी मिली है। आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया गया है। उन्हें ओडिशा भेजा गया है। 20 सितंबर को बेंगलुरु के व्यालिकावल इलाके में बसप्पा गार्डन के पास बने तीन मंजिला मकान में 29 साल की महालक्ष्मी की लाश मिली थी। उसके शव के 59 टुकड़े कर फ्रिज में रखे गए थे। कमरे से बदबू आने पर मर्डर का खुलासा हुआ था।
घर से बदूब आने पर हुआ था मर्डर का खुलासा जिस घर में महालक्ष्मी रहती थी। उसके पास रहने वाले पास ही रहने वाले जीवन प्रकाश को तेज बदबू आ रही थी। जो उनसे सहन नहीं हो रही थी। जब उन्होंने पता लगाया तो बदबू मकान के टॉप फ्लोर से आ रही है। जहां महालक्ष्मी रहती थी।
जीवन महालक्ष्मी के दरवाजे पर पहुंचे तो बदबू इतनी बढ़ गई कि खड़ा होना मुश्किल हो गया था। दरवाजे पर लॉक लगा था। जीवन ने तुरंत महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह और बहन को फोन लगाया था। महालक्ष्मी की फैमिली पहुंची थी। इसके बाद दरवाजे का लॉक तोड़ा गया था।
कमरे में खून बिखरा पड़ा था और जमीन पर कीड़े रेंग रहे थे। घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। फ्रिज खोला तो अंदर महालक्ष्मी का कटा सिर, पैर और डेडबॉडी के 59 से ज्यादा टुकड़े थे। फैमिली ने तुरंत पुलिस को बुलाया था।
पुलिस ने ही परिवार को बताया था कि मर्डर की रात 2 लोग स्कूटी से महालक्ष्मी के घर आए थे। जो CCTV में भी नजर आए हैं। पुलिस के इस मामले में अशरफ नाम के हेयर ड्रेयर से पूछताछ की। पीड़ित परिवार ने अशरफ के अलावा महालक्ष्मी के साथ काम करने वाले कुछ लोगों पर भी शक जताया था।
फ्रिज खोला तो महालक्ष्मी की डेडबॉडी के टुकड़े भरे पड़े थे
महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह से घटना के बारे में जानकारी ली थी। उक्कम के मुताबिक पुलिस नहीं चाहती कि परिवार का कोई भी शख्स मीडिया से बात करे। काफी मनाने के बाद वे तैयार होते हुए थे।
उक्कम के मुताबिक, '20 सितंबर की शाम 7 बजे मेरी मां के पास बड़ी बहन लक्ष्मी का फोन आया था। उसी ने बताया कि महालक्ष्मी के पड़ोसी का फोन आया था। हमें चिंता हुई तो तुरंत मिलने के लिए निकले और रात तकरीबन साढ़े 12 बजे महालक्ष्मी के घर पहुंचे। घर के बाहर से ही बदबू आ रही थी।'
उक्कम के मुताबिक, 'जैसे ही ताला तोड़कर घर में घुसे तो सब कुछ बिखरा पड़ा था। हॉल में एक ट्रॉलीवाला सूटकेस रखा था। फर्श पर खून के निशान थे। कीड़े रेंग रहे थे। मेरी मां ने सबसे पहले फ्रिज खोला। वे घबराकर पीछे हट गईं। मेरी बहन के साथ घर से बाहर निकल गईं।' 'फ्रिज में महालक्ष्मी की डेडबॉडी के टुकड़े रखे थे। हमने सबसे पहले पुलिस और फिर महालक्ष्मी के पति हेमंत को फोन करके ये सब बताया।'
उक्कम ने पुलिस को तीन नाम बताए थे
बहन की हत्या किसने की। इस पर उक्कम ने पुलिस को तीन नाम बताए थे। इनमें महालक्ष्मी का मैनेजर, ऑफिस का एक कलीग और एक दोस्त शामिल था। पुलिस ने इन्हें पकड़ा भी, लेकिन बस पूछताछ करके छोड़ा दिया था।
उक्कम के मुताबिक, जांच अधिकारी ने कहा था कि उन्होंने एक आरोपी को ट्रैक कर लिया है। पुलिस को 5 लोगों पर शक था। एक आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है।मुख्य आरोपी के बारे में बताया गया था कि वो ओडिशा का रहने वाला है और फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
वहीं, पड़ोस में किराना दुकान चलाने वाली योगिता ने बताया था कि महालक्ष्मी कभी-कभी सामान लेने आया करती थी। वो यहां अकेले ही रहती थी और पड़ोसियों से ज्यादा घुलती-मिलती नहीं थी। रोजाना सुबह 9:30 बजे काम पर चली जाती और रात 10:30 बजे के बाद ही घर लौटती थी।
पड़ोसियों ने कई बार एक अजनबी शख्स को महालक्ष्मी को घर से पिक और ड्रॉप करते जरूर देखा था, लेकिन वो शख्स कौन था, कोई नहीं जानता।