नई दिल्ली | देश में मानसून के दौरान एक नया पैटर्न सामने आया है। गंगा पट्टी वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में बारिश लगातार घट रही है। सूखे माने जाने वाले देश के पश्चिमी राज्यों राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश बढ़ रही है।
गंगा के मैदान वाले राज्यों जैसे उत्तराखंड में इस बार 107%, उत्तर प्रदेश में 94%, बिहार में 72% और प. बंगाल में 97% बारिश हुई है। जबकि राजस्थान में 157%, गुजरात में 141%, महाराष्ट्र में 122% बारिश हुई है।
मानसून के पैटर्न में बदलाव आया
ये केवल इस साल का पैटर्न नहीं है, बीते 10 साल के दौरान (2015 और 2018) को छोड़कर 10 में से 8 साल में मानसून का यही पैटर्न रहा है।नॉर्थ ईस्ट के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड में भी लगातार बारिश कम हो रही है। मौसम एक्सपर्ट इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं। इस बार के मानसून में अब तक 105 फीसदी बारिश हो चुकी है।
पूरे मानसून सीजन में 868.8 mm बारिश होनी चाहिए, इस बार यह आंकड़ा मानसून खत्म होने के 12 दिन पहले 18 सितंबर को ही पार हो गया था। एक जून से 23 सितंबर तक इस बार 880.8 mm बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप से 837.7 mm बारिश होनी चाहिए। इस बार पश्चिमी हिस्सों में 6 दिन की देरी से मानसून की विदाई शुरू हो गई है।
6 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
- बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके चलते मौसम विभाग (IMD) ने अगले 2-3 दिनों तक पश्चिम बंगाल के 11 जिलों और ओडिशा के 20 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। IMD ने मध्य प्रदेश समेत 6 राज्यों में आज यानी बुधवार को अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- MP में सितंबर में चौथी बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। मंगलवार को 11 जिलों में बारिश हुई। सिवनी में 9 घंटे में ढाई इंच तो मंडला में पौने 2 इंच बारिश हुई। कई शहरों में तेज गर्मी रही। खजुराहो में सबसे ज्यादा 36.8 डिग्री टेम्परेचर रिकॉर्ड किया गया। 4 जिलों में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा।
- बिहार में अगले 3 दिन बारिश की संभावना है। प्रदेश के 12 जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 12.67 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। भागलपुर में गंगा का कटाव बढ़ गया है। मसाडू गांव में तीन घर 10 मिनट में गंगा में समा गए। नदी किनारे रह रहे लोगों को डर है कि अब उनके घर भी गंगा में न समा जाएं।