मुंबई | महाराष्ट्र के बदलापुर में 12-13 अगस्त को स्कूल में 2 बच्चियों से रेप के आरोपी अक्षय शिंदे की 23 सितंबर को पुलिस फायरिंग में मौत हो गई। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि आरोपी ने जांच के लिए ले जाते समय पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनकर जवान पर फायरिंग की थी। पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में उस पर गोली चलाई।
पुलिस के मुताबिक, 24 साल के आरोपी की पूर्व पत्नी ने उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इस मामले में जांच के लिए पुलिस शाम 5:30 बजे उसे तलोजा जेल से बदलापुर ले गई थी। वापस लौटते समय शाम 6 से 6:15 बजे के बीच पुलिस की गाड़ी ठाणे में मुंब्रा बाईपास पर थी।
सरकार बोली रिवॉल्वर छीनकर गोली चलाई, पुलिस ने सेल्फ-डिफेंस किया, परिवार का दावा- एनकाउंटर हुआ
तभी आरोपी ने असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर निलेश मोरे की कमर से रिवाल्वर छीनकर 3 राउंड फायरिंग की। इसमें एक गोली API मोरे की जांघ पर लगी। तभी एक अन्य पुलिसकर्मी ने आरोपी पर एक गोली चलाई। API मोरे और शिंदे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिंदे को मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, आरोपी के परिवार ने उसके एनकाउंटर का दावा किया है। अक्षय की मां और चाचा ने कहा कि यह पुलिस और बदलापुर स्कूल प्रबंधन की साजिश है। पुलिस ने जेल में उसे बहुत पीटा। मामले को दबाने के लिए उसकी हत्या कर दी। हम उसका शव नहीं लेंगे।
अक्षय शिंदे की मौत पर सरकार और परिवार का बयान
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे: अक्षय शिंदे की पूर्व पत्नी ने उस पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। पुलिस उसे जांच के लिए ले गई थी। इस दौरान उसने एक पुलिसकर्मी नीलेश मोरे पर गोली चलाई, जो घायल हो गया। पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में यह कार्रवाई की। जांच के बाद और जानकारी सामने आएगी।
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस: पुलिस वारंट के साथ अक्षय शिंदे को जांच के लिए ले जा रही थी। उसने पुलिस की पिस्टल छीन ली। उसने पुलिस कर्मियों गोली चलाई और हवाई फायरिंग भी की। पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई। विपक्ष हर बात पर सवाल उठाता है। वही विपक्ष आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहा था। अगर उसने पुलिस पर हमला किया होता तो क्या पुलिस आत्मरक्षा नहीं करती? इसे लेकर कोई भी मुद्दा बनाना गलत है।
आरोपी का परिवार: अक्षय ने हमें बताया था कि उसे पुलिस हिरासत में पीटा जा रहा है और उसने पैसे भेजने के लिए एक चिट भी भेजी थी। पुलिस ने उससे कुछ लिखवाया भी था, लेकिन हमें नहीं पता कि यह क्या है। अक्षय पटाखे फोड़ने और सड़क पार करने से डरता था। फिर पुलिसकर्मियों पर गोली कैसे चला सकता है।