मोहाली। अमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली के टेक्नोमीटर क्लब द्वारा ‘साइबर एक्सप्लोर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तरुण मल्होत्रा ने छात्रों के साथ साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साइबर कॉप्स के संस्थापक तरुण मल्होत्रा ने साइबर अटैक जैसे फिशिंग, स्पैम, सोशल इंजीनियरिंग, डिजिटल अरेस्ट, रैनसमवेयर, मैलवेयर अटैक, मैन इन मिडल अटैक, क्यूआर कोड अटैक, विशिंग अटैक और जॉब स्कैम जैसी साइबर धोखाधड़ी से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित
कार्यक्रम की शुरुआत अमिटी यूनिवर्सिटी पंजाब के कुलपति आर.के. कोहली, डॉ. रजनी मोहना (डीन, सीएससी), डॉ.आंशी भारद्वाज और डॉ.नीतू बंसल ने की। चिराग गुलाटी और श्रिया कौशल ने कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में कार्य किया
तरुण मल्होत्रा ने छात्रों को बताया कि किस प्रकार हैकर या स्कैमर्स लोगों को जाल में फंसाकर उनकी जानकारी चुराते हैं और फिर रैनसमवेयर अटैक या डेटा चोरी जैसी धोखाधड़ी करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डेटा सुरक्षा और गोपनीयता कानूनों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है, और एमएफए (मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन), फ़ायरवॉल, एंडपॉइंट सुरक्षा, और सही कॉनफिग्रेशन की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम में मल्होत्रा ने यह भी समझाया कि जीवन में कोई भी चीज मुफ्त में नहीं मिलती। अगर कोई ऑनलाइन आपको पैसे दोगुने करने, आसान नौकरी पाने या किसी प्रोडक्ट पर बहुत अच्छे डिस्काउंट का लालच दे रहा है, तो वह एक स्कैम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर चीज़ 100 प्रतिशत प्रयासों से ही मिलती है।