कोलकाता | कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर का विरोध कर रहे डॉक्टरों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच बैठक हुई। ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बैठक के बारे में जानकारी दी।
ममता ने कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर को हटाया जाएगा। कल शाम 4 बजे नए कमिश्नर पद संभालेंगे। इसके साथ हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और उत्तरी कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर को भी हटाया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर समेत 4 अधिकारी हटाए जाएंगे, डॉक्टर्स से काम पर लौटने की अपील
ममता ने कहा कि हमने डॉक्टरों की पांच में से तीन मांगें मान ली हैं। अब हमारी डॉक्टरों से अपील है कि वे काम पर लौट आएं। किसी प्रदर्शनकारी डॉक्टर के खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाएगा। वहीं, प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि CM ने हमारी मांगें पूरी करने का वादा किया है, लेकिन हमारा प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक ये वादा हकीकत में नहीं बदलता। पुलिस कमिश्नर को हटाया जाना हमारी नैतिक जीत है।
इसके अलावा एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल में करप्शन के गिरोह को खत्म करने के हमारा लक्ष्य अब भी पूरा नहीं हुआ है। हम स्वास्थ्य सचिव को हटाए जाने तक भी अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
ममता बोलीं- हमने डॉक्टरों की 99% मांगें मानीं
जूनियर डॉक्टरों ने सरकार के सामने ये पांच मांगें रखी थीं। ममता बनर्जी के मुताबिक पहली तीन मांगें पूरी हो गई हैं। ट्रेनी डॉक्टर का रेप मर्डर करने का आरोपी संजय गिरफ्तार हो चुका है। सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के SHO को गिरफ्तार किया जा चुका है। और अब कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पद से हटा दिया गया है।
ममता ने कहा कि हमने डॉक्टरों की 99% मांगें मान ली हैं, क्योंकि वे हमारे छोटे भाई हैं। जूनियर डॉक्टर्स की तरफ से 42 लोगों ने मिनिट्स ऑफ मीटिंग पर साइन किया, जबकि सरकार की तरफ से मुख्य सचिव मनोज पंत ने साइन किया है। मुझे लगता है कि मीटिंग पॉजिटिव रही। मेरे हिसाब से डॉक्टरों का भी यही मानना है, वर्ना वे मिनिट्स ऑफ मीटिंग पर साइन क्यों करते?
ममता बनर्जी ने CCTV, वॉशरूम जैसे हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की मांग भी मान ली है और इसके लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा ममता ने कहा कि हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर और मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर को उचित पदों पर तैनात किया जाएगा। हम उनका अपमान नहीं कर सकते हैं। इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है।
बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए स्टेनोग्राफर्स साथ ले गए थे डॉक्टर्स
एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को हल करने के लिए चार असफल प्रयासों के बाद सोमवार शाम 35 जूनियर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए पहुंचा था। बैठक पहले शाम 5 बजे होनी थी, लेकिन शाम 6.50 बजे शुरू हुई और रात करीब 9 बजे तक चली। इसके बाद बैठक पर चर्चा हुई। बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए डॉक्टर अपने साथ दो स्टेनोग्राफर्स भी ले गए थे।
इससे पहले बंगाल सरकार डॉक्टर्स को मीटिंग के लिए 4 बार बुलाया, लेकिन लाइव टेलीकास्ट और वीडियोग्राफी जैसी मांगों के चलते बातचीत नहीं हो सकी थी। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद लगातार 38 दिन से जूनियर डॉक्टर्स प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि डॉक्टर्स प्रदर्शन खत्म कर काम पर लौटें तो उन पर एक्शन नहीं होगा।