Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू • गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार

चंडीगढ़

एक साधारण फिटनेस रूटीन ने बॉक्सिंग के लिए मुझमें जुनून पैदा कर दिया: गुरसीरत कौर

Gurpreet Singh | Updated on Friday, September 13, 2024 15:49 PM IST

चंडीगढ़ । मेरा सफ़र वज़न कम करने की इच्छा से शुरू हुआ था, और मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह मुझे इस मुकाम तक ले जाएगा। फिटनेस रूटीन के तौर पर शुरू हुई यह शुरुआत जल्द ही जुनून में बदल गई। यह बात माउंट कार्मेल स्कूल, सेक्टर 47 की छात्रा 14 वर्षीय गुरसीरत कौर ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान साझा की। जिन्होंने 28 अगस्त से 10 सितंबर तक अबू धाबी (यूएई) में आयोजित एशियाई स्कूल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

अबू धाबी में स्वर्ण जीतने से पहले चौदह वर्षीय खिलाड़ी ने 8 से 11 अगस्त तक हरियाणा के रोहतक में आयोजित एएसबीसी एशियाई जूनियर और स्कूलबॉयज़ और स्कूलगर्ल्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप ट्रायल में स्वर्ण पदक जीता था और पहला स्थान हासिल किया था। उनके पिता कंवल दीप सिंह फोर्टिस अस्पताल मोहाली में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (सीएसओ) के पद पर कार्यरत हैं जबकि माता नवप्रीत कौर शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।

गुरसीरत ने कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना मेरे जीवन में एक निर्णायक क्षण रहा है। यह बॉक्सिंग में मेरे द्वारा की गई वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता का प्रतीक है। मेरे कोच मुझे एक बॉक्सिंग के रूप में आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, मुझे अपने कौशल को सुधारने और निखारने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। पढ़ाई और बॉक्सिंग दोनों को प्रबंधित करना आसान नहीं है, लेकिन उचित योजना और समय प्रबंधन के साथ, मैं दोनों मोर्चों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम रही हूं। भविष्य में मेरा लक्ष्य सुधार जारी रखना और बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। गुरसीरत ने कहा कि मैं शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार और देश को गौरवान्वित करना जारी रखना चाहती हूं।

उनकी मां नवरीत कौर ने उनकी पिछली उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि गुरसीरत कौर ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से खुद को बॉक्सिंग में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने खेल के प्रति अपने असाधारण कौशल और समर्पण का प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ में सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग का खिताब जीता। उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन तब और भी बढ़ गया जब उन्होंने नोएडा में एक कंपीटिशन में स्वर्ण पदक हासिल किया, जिससे रिंग में उनका दबदबा और भी बढ़ गया। इसके अलावा, कौर ने रोहतक में आयोजित ट्रायल में पहला स्थान हासिल किया, जो उनकी बेहतर तकनीक और तैयारी का प्रमाण है। उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन की परिणति एशियन स्कूल बॉक्सिंग चैंपियनशिप (एएसबीसी) में स्वर्ण पदक जीतने के साथ हुई, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में पहचानी गईं। ये उपलब्धियाँ सामूहिक रूप से उनकी असाधारण प्रतिभा और बॉक्सिंग के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करती हैं।

चंडीगढ़ के माउंट कार्मेल स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. परवीना जॉन सिंह ने कहा कि गुरसीरत ने पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। शुरू से ही, उसने दोनों क्षेत्रों में अटूट ध्यान और दृढ़ संकल्प दिखाया है, अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए उसे अपने अल्मा मेटर और माता-पिता से लगातार प्रेरणा मिलती रही है। उसकी कई उपलब्धियों में से, एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। मैं गुरसीरत और उसके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ।

गुरसीरत के कोच डॉ. भगवंत सिंह ने कहा कि एक 14 साल की लड़की को समर्पण के साथ काम करते देखना वास्तव में सराहनीय है, वह न सिर्फ़ एक बॉक्सर बल्कि एक योद्धा बनकर उभरी है। उन्होंने इसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है और जिसका फल उन्हें मिला है।

Have something to say? Post your comment
एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

: एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

: जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

: वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

: पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

: इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

: Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

: नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

: आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

: पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू

: विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू

X