चंडीगढ़,24 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार दोपहर सेक्टर-31 थाने के अंदर यूटी पुलिस के एसआई को 2 लाख रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि एसआई अटैम्टड टू मर्डर केस (धारा-307) में आरोपी पक्ष से परेशान न करने व तीन का नाम रफादफा करने के एवज 9 लाख की रिश्वत मांगी थी। जबकि, गिर तारी के बाद एसआई ने सीबीआई से कहा कि जनाब (थाना प्रभारी) को सारी जानकारी थी। जिसके बाद थाना प्रभारी जसविंदर कौर को तुरंत विभाग की ओर से लाइन हाजिर कर दिया गया। हालांकि, अभी सीबीआई के हाथ सुबूत नही लगा है।
मामले में शिकायतकर्ता प्रापर्टी डीलर प्रेम सिंह बिष्ट है। शिकायतकर्ता बिष्ट ने बताया कि 17.09.2017 को रामदरबार फेज-2 में मारपीट हुई थी। इसमें धारदार हथियार से रवि अंडा गंभीर हुआ था। पीडि़त की शिकायत पर सेक्टर-31 थाना पुलिस ने मामले में 147, 148, 149, 307 और आ र्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इसमें कुल 9 आरोपी अनिल, विनोद, सुंडी, सिब्बी, विमल, दीपक, मंगा, मोंटी और जोसफ शामिल थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार दीपक, अनिल व जोसफ उसके कर्मचारी है जिसके कारण सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह उसके ऑफिस पहुंच गया। वहा लगातार आरोपियों की गिर तारी के दबाव देकर परेशान करने लगा और बाद में उसने तीनों का नाम हटाने के लिए 9 लाख रूपए का डिमांड किया। सीबीआई के पूछताछ में उसने बताया कि उसको एक लाख से मतलब है बाकि के पैसे थाना प्रभारी के पास जाना है।
जिसके बाद सीबीआई टीम ने शिकायतकर्ता को लेकर ट्रैप लगाया और दो लाख एडवांस रिश्वत देने का समझौता हुआ। मंगलवार को थाने में पैसा लेते रंगेहाथ गिर तार कर लिया।
सीबीआई ने 2 लाख रूपये किए बरामद
सीबीआई ने आरोपी सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह से मौके पर ही 2 लाख रूपए बरामद कर लिया। जिसके बाद उसके हाथ की धुलाई भी करवाई गई। वहीं, सीबीआई टीम देर रात तक मामले में पूछताछ व दस्तावेज थाने के अंदर ही जब्त करती रही।
आरोपी एसआई बोला-जनाब(थाना प्रभारी) को सब मालूम था
सीबीआई के गिर त में आने के बाद पूछताछ के दौरान आरोपी सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह ने बताया कि जनाब (थाना प्रभारी) को सब मालूम था।
थाना प्रभारी बोली- गलती छिपा रहा, नाम लेने से क्या होता है
थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने अपने पक्ष में कहा कि मुलाजिम एसआई अपनी गलती छिपाने की कोशिश कर रहा है। उसके नाम लेने से मै आरोपी नही हो जाती हूं। मैं सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हूं और आरोपी हुई तो खुद ही अपना इस्तीफा दे दूंगी।
रडार पर एक अधिकारी
सूत्रों के अनुसार मामले में सीबीआई को एक पुलिस अधिकारी पर गहरा संदेह है। हालांकि, सीबीआई सुबूत हाथ लगने तक उसके नाम का खुलासा नही करना चाहती। सीबीआई सूत्रो का दावा है कि जल्द ही आरोपी के नाम का सुबूतों के साथ खुलासा होगा।
विभाग ने किया थाना प्रभारी को लाइन हाजिर
सीबीआई ट्रैप के दौरान थाने में चली कार्रवाई के बाद यूटी पुलिस विभाग की ओर थाना प्रभारी जसविंदर कौर को तत्काल लाइन हाजिर करने का आर्डर जारी कर दिया गया। वहीं, कार्यवाहक थाना प्रभारी का चार्ज सेक्टर-34 थाना प्रभारी अजय कुमार को सौंपा गया।
शिकायतकर्ता ने दर्ज करवाएं बयान
थाने में ट्रैप व अन्य कार्रवाई के बाद सीबीआई टीम अपनी गाड़ी में शिकायतकर्ता को कही लेकर गई। कुछ देर के बाद दोबारा से थाने में लाकर सीबीआई ने शिकायतकर्ता के दोबारा से बयान दर्ज करवाएं।
देर शाम थाना प्रभारी का मोबाइल जब्त कर खंगाला
एसआई की गिर तारी व बरामदगी के बाद सीबीआई टीम ने थाना प्रभारी जसविंदर कौर का मोबाइल जब्त कर करीब आधा घंटा खंगाला। सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी के मोबाइल से सीबीआई टीम को कुछ भी हासिल नही हुआ।