डेराबस्सी | डेराबस्सी इलाके में पहली बार श्री रामतलाई पर आयोजित हिंदू महापंचायत में 36 हिंदू संगठनों ने पूरे उत्साह से एकजुटता का इजहार किया। हिंदू शक्ति संगठन के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत के पीछे धर्म की आड़ में पुलिस, प्रशासन सहित आम लोगों पर अनुचित दबाब के हत्थकंडों का विरोध करना है। एक दर्जन से अधिक वक्ताओं ने अन्याय के खिलाफ जागरुक व एकजुट रहने के सर्वव्यापी फैसले का समर्थन किया।
जानकारी देते हुए संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविंदर वैष्णव ने बताया कि डेराबस्सी क्षेत्र में कुछ परिवारों की समस्याएं उनतक पहुंची हैं जिसमें धर्म की आड़ में अनुचित दबाब बनाने का सहारा लेकर लोगों को इंसाफ से वंचित किया गया है। इनमें एक हिंदू परिवार के घर में घुस कर द्वारा हमला करने पर कोई कार्रवाई न होना, हाइवे पर रेहड़ी फड़ी लगाने वाले बाहरी युवाओं द्वारा स्थानीय दुकानदारों के साथ लड़ाई झगड़ा, धर्म का सहारा लेकर झूठी बयानबाजी से एक परिवार पर मुकद्दमा दर्ज करवाना, नाम बदल कर अपनी पहचान छिपाने, धर्म की आड़ में अनुचित दबाब बनाने आदि मसले प्रमुख रहे। इन्हें धार्मिक रंगत देकर सोशल मीडिया में दुष्प्रचार कर अनुचित दबाव बनाने के हत्थकंडों की सख्त निंदा की गई, वहीं हिंदू समाज से इसके खिलाफ जाति, वर्ण भूलकर हिंदू समाज को सजग व एकजुट रहने की पुरजोर अपील की गई।
धर्म की आड़ में अनुचित दबाव के हत्थकंडों की सख्त निंदा का प्रस्ताव पास,अन्याय के खिलाफ जागरुक व एकजुट रहने के सर्वव्यापी फैसला किया
अमन राणा, सुशील व्यास, रविंदर शर्मा, टोनी राणा, रविंदर बतरा, गौतम गिरी, निर्मल निम्मा, एडवोकेट दीपक, अमित शर्मा सहित नेताओं ने कहा कि छोटे से छोटे मसले में धर्म को लाना ठीक नहीं और हर मसले को धर्म के चश्मे से देखना भी ठीक नहीं। सोशल मीडिया के इस दौर में यह भाईचारे के समाज के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए रेहड़ी फड़ी वालों के शिनाख्ती कार्ड व लाइसेंस अनिवार्य किए जाएं, वहीं किराएदारों की भी वेरीफिकेशन मुहिम सख्ती से लागू की जाए। हिंदू संगठनों ने शामिल होकर पुलिस, प्रशासन व आम जनता पर अनुचित दबाव के लिए धर्म की आड़ लेने का पुरजोर विरोध करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया जाएगा जिसका ज्ञापन अगले हफ्ते प्रशासन के जरिए सरकार को भेजा जाएगा।