चंडीगढ़। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से ग्रीन ट्रांजिशन:एमएसएमई को सतत विकास के लिए सशक्त बनाने पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रीन ट्रांजिशन के संदर्भ में एमएसएमई के मुद्दों, चुनौतियों और आवश्यकताओं को पूरा करने पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए यूएनडीपी के उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रमुख विकास वर्मा ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के मामले में सबसे आगे है, लेकिन ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला ग्रीन अर्थव्यवस्था में निर्बाध संक्रमण के लिए आवश्यक कदमों की स्पष्ट समझ स्थापित करने में मदद करेगी।
यूएनडीपी के सहयोग से पीएचडीसीसीआई ने ग्रीन ट्रांजिशन पर क्षेत्रीय कार्यशाला का किया आयोजन
पीएचडीसीसीआई पंजाब चैप्टर के चेयर आर.एस. सचदेवा ने एमएसएमई के लिए क्षमता निर्माण सत्र आयोजित करने के लिए पीएचडीसीसीआई की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि कार्यशाला सतत विकास को बढ़ावा देने और एमएसएमई को हरित प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए सशक्त बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता की दिशा में एक ठोस प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है।
सेवानिवृत्त आईएफएस ए.के. रस्तोगी ने हरित संक्रमण पर रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि झारखंड सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि फोकस डी-कार्बोनाइजेशन से आगे बढक़र ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने को शामिल करना चाहिए।
हरियाणा एमएसएमई के महानिदेशक आईएएस सी.जी.रजनीकांतन ने एमएसएमई को समर्थन देने के लिए पीएचडीसीसीआई के प्रयासों को सराहा। इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ आईएएस डीपीएस खरबंदा ने कहा कि उद्योग को सतत विकास हासिल करने के लिए लचीला, अनुकूलनीय और बदलाव के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने नई पंजाब औद्योगिक नीति 2022 के तहत पंजाब में एमएसएमई को दिए जा रहे कुछ राजकोषीय प्रोत्साहनों को भी रेखांकित किया और सुझाव आमंत्रित किए कि अधिक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए इन प्रोत्साहनों को कैसे बढ़ाया जा सकता है। प्रो. क्षितिज अवस्थी, अध्यक्ष, सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी, आईआईएम लखनऊ,प्रो. प्रियांशु गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, बिजनेस सस्टेनेबिलिटी, आईआईएम लखनऊ, सरबजोत सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान अपने विशेषज्ञ विचार साझा किए। इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय निदेशक भारती सूद ने सत्र का संचालन किया,जबकि निश्चय बहल, संयोजक, क्षेत्रीय पर्यटन और आतिथ्य समिति, पंजाब चेप्टर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।