चंडीगढ़। हार्मोन्स हमारे शरीर के केमिकल मैसेंजर होते हैं, जो शरीर के हर ऑर्गन तक संदेश पहुंचाने का काम करते हैं। इनकी मदद से शरीर के अंगों तक यह सिग्नल पहुंचता है कि कब और कैसे काम करना है। इसलिए हार्मोन्स का हमारे शरीर में संतुलित मात्रा में होना आवश्यक है। अगर इनमें असंतुलन आ जाता है, तो कई बीमारियां और सेहत से जुड़ी परेशानियों को झेलना पड़ सकता है,कहना है डॉ नवदीप कौर व डॉ तेजिंदर कौर का ।
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एक्ने
शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ने की वजह से एक्ने की समस्या हो सकती है। इस वजह से, त्वचा में मौजूद ऑयल ग्लैंड्स की वजह से स्किन के पोर्स क्लॉग हो जाते हैं। क्लॉग पोर्स में बैक्टिरीया का इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, जिस कारण से एक्ने होने लगते हैं।
वजन बढ़ना या कम होना
हमारे शरीर के कई हार्मोन्स ऐसे होते हैं, जिनका प्रभाव हमारे मेटाबॉलिज्म पर होता है। थायरॉइड हार्मोन, कोर्टिसोल, एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन्स के असंतुलित होने की वजह से, कई बार हमारा वजन बढ़ने लगता है। अधिक वजन बढ़ना, आपके लिए चिंता का विषय बन सकता है। इसी तरह हार्मोन्स में बदलाव की वजह से, आपका मेटाबॉलिज्म अधिक तेज भी हो सकता है, जो वजन कम होने की वजह बन सकता है।
नींद न आना
हमारी नींद को भी हमारे हार्मोन्स कंट्रोल करते हैं। इनमें असंतुलन की वजह से कई बार रात को नींद न आना या अच्छी नींद न आने की परेशानी हो सकती है।