Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू • गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार

चंडीगढ़

धूम्रपान, अत्यधिक रेडिएशन एक्सपोज़र से बचकर ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम किया जा सकता है: डॉ. विनीत सग्गर

Updated on Friday, June 07, 2024 18:45 PM IST

चंडीगढ़  । ब्रेन ट्यूमर सभी कैंसरों का लगभग 2 प्रतिशत है। दुनिया भर में हर दिन ब्रेन ट्यूमर के लगभग पांच सौ नए मामलों का निदान किया जाता है और उनमें से अधिकांश वंशानुगत नहीं होते हैं। ब्रेन ट्यूमर हर उम्र में हो सकता है और अब तक, इसकी उत्पत्ति का कोई निश्चित कारण नहीं पाया गया है और न ही ऐसे कोई विशिष्ट निवारक उपाय किए गए हैं जो इसे रोकने के लिए किए जा सकें।

 वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे की पूर्व संध्या पर  जानकारी साझा करते हुए आईवीवाई अस्पताल, मोहाली में न्यूरोसर्जरी और न्यूरो इंटरवेंशन के डायरेक्टर डॉ. विनीत सग्गर ने कहा कि धूम्रपान और अत्यधिक रेडिएशन एक्सपोज़र जैसे पर्यावरणीय खतरों से बचकर ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम किया जा सकता है।

न्यूरोसर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह रंधावा ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर विनाशकारी घाव हैं जो शरीर के नर्व सेन्टर को प्रभावित करते हैं।

हमारे सभी कार्य, खाने से लेकर बोलने, चलने आदि तक और हमारी सभी भावनाएँ, प्यार से लेकर नफरत तक, ब्रेन, रीढ़ की हड्डी और नर्व सेन्टर द्वारा नियंत्रित होते हैं जो आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। ब्रेन एक कठोर स्कल में स्थित होता है और स्कल के अंदर टिशू की असामान्य वृद्धि से ट्यूमर का निर्माण होता है जो आसपास के सामान्य टिशूज पर दबाव का कारण बनता है।

आईवीवाई के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि  अब उन्नत तकनीकों ने न्यूरो विशेषज्ञों के लिए उन क्षेत्रों में उद्यम करना संभव बना दिया है, जिन्हें लंबे समय तक पहुंच से बाहर माना जाता था या जिनमें चोट के जोखिम का स्तर अस्वीकार्य था। न्यूरो नेविगेशन आजकल सभी प्रकार की जटिल न्यूरो सर्जरी के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गया है। डॉ. प्रदीप ने कहा कि न्यूरोनेविगेशनल ने 4-5 वर्षों में लोकप्रियता हासिल की है और इस प्रकार यह सर्जरी के दौरान एक अत्यधिक प्रभावी उपकरण बन गया है। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति गर्ग ने कहा कि ट्यूमर कैन्सरस या

नॉन-कैन्सरस हो सकते हैं। कैंसरयुक्त ब्रेन ट्यूमर, ज्यादातर, ब्रेन पदार्थ (आंतरिक) से उत्पन्न होते हैं और केवल अलग-अलग समय के लिए और उपलब्ध उपचार के सभी विभिन्न तरीकों का उपयोग करने के बाद ही नियंत्रित किया जा सकता है।

दूसरी ओर, नॉन-कैन्सरस ट्यूमर ज्यादातर ब्रेन के आसपास की संरचनाओं (बाहरी) से उत्पन्न होते हैं। उन्हें शल्य चिकित्सा द्वारा सफलतापूर्वक हटाया जा सकता है और, एक बार पूरी तरह से हटा दिए जाने के बाद, वे अधिकतर दोबारा नहीं होते हैं। उनमें से कुछ का इलाज स्टीरियोटैक्टिक रूप से निर्देशित रेडियोथेरेपी का उपयोग करके प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, खासकर जब ट्यूमर का आकार छोटा होने पर जल्दी निदान किया जाता है।

Have something to say? Post your comment
संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : मुख्यमंत्री

: संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : मुख्यमंत्री

एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

: एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

: जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

: वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

: पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

: इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

: Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

: नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

: आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

: पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

X