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चंडीगढ़

पीयू से हर साल 43368 स्टूडेंट्स जा रहे कनाडा

Updated on Monday, October 16, 2017 11:25 AM IST

चंडीगढ़,15 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) पंजाब यूनिवर्सिटी के वर्तमान और पास आउट स्टूडेंट्स लगातार विदेशों का रूख कर रहे हैं। विदेश में जाने के लिए 40 हजार से ज्यादा स्टूडेंटस हर साल पंजाब यूनिवर्सिटी से पास की हुई डिग्री या कोर्स के दस्तावेज का सत्यापन करवाने आ रहे हैं। नौकरी से लेकर पढ़ाई तक स्टूडेंटस विदेश में ही करना चाहते हैं। बाहर बसने के लिए भी डॉक्यूमेंट्स का सत्यापन जरूरी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले कुछ समय में तो विदेशों जाने वाले स्टूडेंटस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी में डॉक्यूमेंट और दस्तावेज का वेरिफिकेशन करने वाली शाखा में इन दिनों कैंडिडेट्स का तांता लगा हुआ है। शाखा में पैर तक रखने की जगह नहीं होती है। विदेशों जहां पहले पढ़ाई के लिए स्टूडेंट्स का रूझान कम था, अब लगातार बढ़ रहा है। जहां पहले 15 से 21 दिन में दस्तावेज की सत्पायन की प्रक्रिया पूरी हो जाती थी और इनको संबंधित देश में उपरोक्त समय सीमा में भेज दिया जाता था, अब इस पर 1 महीने से ज्यादा का समय लग रहा है।

कनाडा सबकी पहली पसंद
पीयू में दस्तावेज के सत्यापन के लिए आने वाले अधिकतर स्टूडेंटस कनाडा का ही रूख कर रहे हैं। सबके संबंधित फार्म में सत्यापित दस्तावेज की जानकारी भेजने की जगह कनाडा ही लिखा मिलता है। शाखा संजीव ठाकुर ने बताया कि कर्मचारियों के अनुसार 95 फीसदी कैंडिडेट्स के कॉलम के आगे कनाडा ही लिखा होता है।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में नहीं रूचि
पहले जहां कैंडिडेट्स का रूझान ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की तरफ करीब 50 फीसदी था वो अब घटकर 5 फीसदी तक आ गया है। इसका कारण है कि कनाडा के इच्छुक कैंडिडेट्स के ज्यादा जानकार या कोई रिश्तेदार कनाडा में ज्यादा हैं। इसके चलते वहां उनको रहने या अन्य तरह की दिक्कतों से वास्ता कम पड़ता है।

चिंता का भी विषय स्टूडेंटस का पलायन

विदेश में युवाओं का पलायन लगातार चिंता भी खड़ी कर रहा है। हर साल 40 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स का विदेश में जाना हमारी शिक्षा प्रणाली और नौकरी के अवसरों पर सवाल खड़ा करता है। अकेले पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंटस का ही यह आंकड़ा है, बाकी यूनिवर्सिटीज की बात करें तो इसमें कई गुना तक बढ़ोतरी हो सकती है।

पीयू में वेरिफि केशन के लिए आए स्टडेंटस का आंकड़ा

माह वेरिफिकेशन के लिए आए कैंडिडेट्स प्रतिशत

अप्रैल 2781 12.82
मई 3843 17.72
जून 3551 16.37
जुलाई 3709 17.10
अगस्त 3103 14.31
सितंबर 4697 21.61
6 महीने में कुल 21684
सबसे ज्यादा सिंतबर-अक्टूबर में
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए सबसे ज्यादा कैंडिडेट सिंतबर और अक्तूबर माह में आते हैं। सिंतबर माह में 4697 कैंडिडेट पीयू ब्रांच आ चुके हैं, जो कि पिछले छह माह मे सबसे ज्यादा हैं। वहीं 15 अक्टूबर तक भी 2 हजार से ज्यादा कैंडिडेट दस्तावेज सत्पायन के लिए एप्लाइ करने चुके हैं।

एक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की फीस 500 रुपये
कैंडिडेट को एक दस्तावेज वेरिफाई करने के लिए 500 रुपये की फीस कटवानी पड़ती है, जो प्रशासनिक भवन के पीछे वाली एसबीआइ शाखा में कटती है। इससे पहले 150 रुपये का फार्म खरीद कर भरना पड़ता है। फीस कटने के बाद जिस भी देश में डॉक्यूमेंट भेजने का पता दिया गया है, उसको लेकर कूरियर चार्जिज की डिटेल कैंडिडेट्स के दिए पते पर पंजाब यूनिवर्सिटी की शाखा भेजती है। इसके बाद वो राशि जमा होगी।

कनाडा में रजिस्ट्रेशन खुलने से चार गुना भीड़
इन दिनों कनाडा में पीआर का रजिस्ट्रेशन खुला होता है, जिसके चलते एक साथ सभी एप्लाई करते हैं। पहले कनाडा में ऑनलाइन एप्लाई करना होता है, जिसके बाद ऑनलाइन फार्म जेनरेट होता है। फिर इसकी फीस कटती है। इन दिनों पहले से चार गुना भीड़ पीयू का ब्रांच में लगी है।

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