चंडीगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति के अनुकूल प्रदेश में माहौल बनाने की जमीन तैयार कर ली गई है। कोरोना संबंधित नियमों में ढील के साथ-साथ अब विभाग द्वारा प्रदेश के सभी आंगनवाडी केंद्रों में कार्यरत आंगनवाडी कार्यकर्ता, आंगनवाडी सहायिकाओं को खेल आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश भर में 770 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई नई शिक्षा नीति 2020 के अनुकूल रचनात्मक शिक्षा को बढावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने इसकी जानकारी सांझा करते हुए बताया कि प्रदेश के सभी आंगनवाडी केंद्रों में काम कर रही आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं आंगनवाडी सहायिकाओं को नौनिहालों को खेल आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके लिए अलग-अलग जिलों में कोरोना संबंधित नियमों का पालन करते हुए बैच संचालित किए जाएंगे, जिसमें ब्लाक अनुसार आंगनवाडी केंद्रों के लिए प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। इस दिशा में अभी 770 बैच के माध्यम से सभी 25 हजार 962 में कार्यरत कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए योजना तैयार की जा चुकी है। मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार हरियाणा में पहले चरण में 4 हजार आंगनवाडी केंद्रों को प्ले स्कूल के तौर पर अपग्रेड किया जा रहा है।
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने बताया कि अंबाला जिला की 1213 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 36 बैच में, भिवानी जिला की 1916 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 57 बैच में, हिसार जिला की 1739 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 51 बैच में, कुरूक्षेत्र जिला की 1075 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 32 बैच में, करनाल जिला की 1479 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 44 बैच में, सिरसा जिला की 1377 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 41 बैच में, पलवल जिला की 1108 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 33 बैच में, रेवाडी जिला की 1099 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 32 बैच में, जींद जिला की 1433 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 42 बैच में, नारनौल जिला की 1201 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 36 बैच में प्रशिक्षण करवाया जाएगा। इसी प्रकार पंचकुला जिला की 534 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 16 बैच में, झज्जर जिला की 1130 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 33 बैच में, गुरूग्राम जिला की 1033 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 31 बैच में, रोहतक जिला की 1004 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 30 बैच में, फरीदाबाद जिला की 1294 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 38 बैच में, फतेहाबाद जिला की 1096 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 32 बैच में, सोनीपत जिला की 1482 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 45 बैच में, पानीपत जिला की 1048 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 31 बैच में, नूंह जिला की 1150 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 34 बैच में, कैथल जिला की 1270 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 38 बैच में तथा यमुनानगर जिला की 1281 आंगनवाडी केंद्रों के लिए 38 बैच में में प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।