चंडीगढ़, 30 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि किसान बड़ा पवित्र शब्द है और हर किसी की किसानों के साथ आस्था है। इस आंदोलन में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे काफी बदनामी हो रही है। बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है और मर्डर हो रहे हैं।
आंदोलनकारी पूरी तरह से अलोकतांत्रिक बात कर रहे हैं और हम फिर भी संयम बरते हुए हैं। बर्दाश्त कर रहे हैं लेकिन संयम बरतने की भी सीमा होती है। अगर सीमा से आगे बढ़े तो यह किसी के हित में नहीं होगा। किसान नेता बिना किसी शर्त के बातचीत के लिए आगे आएं। इन कानूनों में संशोधन के लिए सरकार हमेशा तैयार है। कुछेक लोग मिलकर किसान आंदोलन के नाम पर माहौल बिगाडऩे का काम कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसान आंदोलन को सात महीने हो चुके हैं और इस अवधि में आम जनता की भी सहमति बन चुकी है। आंदोलन को कांग्रेस व कुछ राजनीतिक दल अपने सियासी फायदे के लिए हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी कृषि कानूनों में कमियां बताएं तो सरकार उनपर मंथन करने के लिए तैयार है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि सरकार खुलकर बातचीत के लिए तैयार है। किसानों को बातचीत करनी चाहिए लेकिन वे इस शर्त के लिए बातचीत करेंगे कि पहले कानून वापस लो तो कुछ नहीं होने वाला।
एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि आंदोलनकारियों ने लिखकर दिया है कि वे हिंसात्मक कार्रवाई नहीं करेंगे। अगर हुई तो पुलिस एफआईआर भी दर्ज होगी और कोर्ट से नोटिस भी जाएंगे।