चंडीगढ़, 24 जून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से हरियाणा खनन घोटाले का संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए प्रदेश की गठबंधन सरकार पर खनन माफिया को संरक्षण देने और सरकारी लापरवाही से बाढ़ का खतरा बढ़ाने का आरोप लगाया है।
सुरजेवाला ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा-जजपा सरकार के संरक्षण में खनन माफिया ने यमुना नदी की धारा बदल दी है, जिससे प्रदेश के छह जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा होने का अंदेशा जताया है। इसी प्रकार घग्गर नदी में भी अवैध खनन और धारा बदलने की शिकायतें मिली हैं, इसलिए हाईकोर्ट को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर प्रदेश की नदियों को खनन माफिया से बचाना चाहिए।
सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा की जनता पहले से ही कोरोना की मार सह रही थी, अब खट्टर-चौटाला सरकार की भारी लेटलतीफी, घोर लापरवाही और खनन माफिया के साथ मिलीभगत के कारण प्रदेश के अनेक जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मानसून आ चुका है, पर अनेक स्थानों पर तटबंध और स्टड का काम अभी भी अधूरा है और बाढ़ से बचाव के लिए समूचे इंतजाम नहीं हुए हैं। करनाल में स्टड बना दिए तो उन्हें जाली से नहीं बांधा गया है। इसी प्रकार पानीपत में तटबंध की मरम्मत ही नहीं की गई और सरकारी संरक्षण में खनन माफिया ने सोनीपत समेत प्रदेश के अनेक जिलों में नदियों में गहरे-गहरे खड्डे कर दिए हैं, जिससे नदियों की धार का रुख बदल गया। हरियाणा की तरफ किनारों का कटाव तेज हो गया है, जिससे हरियाणा के इलाकों में बाढ़ का खतरा पिछले सालों से ज्यादा बढ़ गया है। सुरजेवाला ने कहा कि कैग ने भी हरियाणा में खनन घोटाले और नियमों के विरुद्ध खनन को अपनी रिपोर्ट में माना है। क्या कारण है कि कैग रिपोर्ट के बावजूद प्रदेश में प्राकृतिक संपदा की लूट निरंतर जारी है और सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।