चंडीगढ़, 22 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार उनके निवास पर मिलने आए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के बारे में तथ्यात्मक जानकारी रखने वाले 30-40 किसानों का एक ऐसा समूह गठित किया जाना चाहिए जो गांव-गांव जाकर अन्य किसानों को कृषि कानूनों के फायदे और उनकी बारीकियों से अवगत करवा सके।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ‘कृषि कानूनों पर समर्थन पत्र’ सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कैथल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल आदि विभिन्न जिलों के बड़ी संख्या में किसान शामिल थे।
गुणी प्रकाश ने कहा कि पहले दिन से ही असली किसान इन कानूनों के पक्ष में हैं, जबकि तथाकथित किसानों ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को राजनीतिक रंग दे दिया है, जिसका खामियाजा हम जैसे असली किसान भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन करने वाले ज्यादातर राजनीतिक प्रतिनिधि हैं।
भारतीय किसान यूनियन के महासचिव उदय भान ने कहा कि विपक्ष खासकर कांग्रेस अपने राजनीतिक निहित स्वार्थों को आगे बढ़ाने के लिए किसानों के जीवन को खतरे में डालकर अपनी राजनीति कर रही है। जो असली किसान हैं वे इन कृषि कानूनों के समर्थन में हैं।
मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों और किसानी के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने कभी भी नलकूप कनेक्शन देना बंद नहीं किया बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्यूबवेल कनेक्शन उसे दिया जाएगा, जिसके पास 15 बीएचपी (ब्रेक हॉर्स पावर) से कम क्षमता की ट्यूबवेल मोटर हैं और वह किसान सूक्ष्म सिंचाई को अपनाते हैं। सूक्ष्म सिंचाई के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
गुणी प्रकाश ने किसानों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यों के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि हर किसान का कल्याण सुनिश्चित करना इस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
इन्हीं भावनाओं के साथ रोहतक से आए किसान उदय भान, अंबाला के नरतक सिंह, और अन्य किसानों ने कहा कि वे कृषि कानूनों के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं। इसके अलावा, किसानों को इन कानूनों के लाभों को समझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल और मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार विनोद मेहता उपस्थित थे।