चंडीगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा पहले जहां प्रदेश में दस लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे वहीं अब इनकी संख्या को बढ़ाकर बीस लाख कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने यह फैसला उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग तथा बिजली आपूर्ति के दौरान होने वाले लाइन लॉस व चोरी को कम करने के उद्देश्य से लिया है।
शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की शुक्रवार को हुई राज्य सलाहकार समिति की बैठक में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी शशांक आनंद ने बताया कि अभी तक 2.40 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, पहले जहां 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब यह टारगेट 20 लाख का रखा गया है। इसके लिए जल्द टेंडर किए जाएंगे।
एचईआरसी के सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एचपीजीसीएल को वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखकर अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव करने, स्मार्ट व प्रीपेड मीटर लगाने, बिजली बिलिंग, लंबित कनेक्शन, सीजीआरएफ सहित कई विषयों पर गहन मंथन हुआ।
एचईआरसी सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान ने बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए कि बिजली बिलिंग के संबंध में आने वाली शिकायतों का जल्द निवारण किया जाए, साथ ही लंबित कनेक्शनों को भी जल्द रिलीज करें। एचईआरसी सदस्य नरेश सरदाना द्वारा जवाब तलब किए जाने पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी डॉ.बलकार सिंह ने बताया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आते दक्षिण हरियाणा के जिलों में इस समय 15 हजार 822 बिजली कनेक्शन लंबित हैं।
बैठक में हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल) के एमडी मोहम्मद शाइन ने बताया कि थर्मल प्लांटों में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी कंपनियों को यह उपकरण लगाने का कार्य दिया जा रहा है। इस मीटिंग में एचईआरसी के प्रथम अध्यक्ष वी.एस.एलावादी,हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) के एमडी टी.एल.सत्यप्रकाश ने अपनी रिपोर्ट दी।
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बैठक में गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जी.एन.मंगला ने कहा कि बिजली उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (सीजीआरएफ)के कार्यों के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। बैठक में विद्युत लोकपाल वीरेंद्र सिंह, एचईआरसी के सचिव अनिल दून, निदेशक (टैरिसफ) संजय वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।