चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को पेश किए गए बजट को प्रत्येक वर्ग के लिए हितकारी बजट करार देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने कठिन दौर में संतुलित और लोकहित का बजट पेश किया गया है। सामाजिक सुरक्षा को लेकर सबका ध्यान रखा गया है। बजट में मेड इन इंडिया का पूरा ध्यान रखा गया है और बहुत सी वस्तुओं को सस्ता भी किया गया है।
मुख्यमंत्री सोमवार को बजट पेश होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से मंडियों के समाप्त होने की अफवाह पर किसान नेताओं को कड़ा जवाब दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब में मंडियां पूरी तरह मजबूत हैं। कृषि सेस से अब और मंडियां मजबूत होंगी। यही नहीं किसानों की मांग थी कि 50 प्रतिशत लागत मूल्य पर लाभ दिया जाएगा, उसे भी सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 75 हजार करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है तो पशुपालन और डेयरी के लिए भी 40 हजार करोड़ की राशि सुनिश्चित की गई है। बजट में कपास के किसानों को भी सौगात दी गई है, उनके लिए साढ़े 25 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में एक देश एक राशन पर पूरा फोकस रखा गया है।
हायर एजूकेशन के लिए अलग से कमीशन गठन करना सराहनीय फैसला है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की राशि सुनिश्चित की गई है। देशभर में 758 एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे तो 15 हजार सरकारी स्कूलों का स्तर भी बढ़ाया जाएगा।
मनोहर लाल ने कहा कि जिस तरह से पिछला वर्ष कोविड का निकला है, उसे पूरा अर्थ तंत्र और आर्थिक गतिविधियां से जो कठिनाइयां आई हैं, उस पर भी पूरा फोकस रखा गया है। पिछले बजट के मुकाबले इस बार स्वास्थ्य बजट में 135 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बजट में संसाधनों को बढ़ाने में भी पूरी तरजीह दी गई है। परिवहन मंत्रालय को एक लाख 18 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जिसे परिवहन सेवाओं में बढ़ोतरी होगी और देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। बीमा कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दी गई है, इससे बीमा कंपनियां मजबूत होंगी।