चंडीगढ़, 28 जनवरी। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सामाजिक समरसता के चिंतन को आगे बढ़ाते हुए ‘‘सबका साथ-सबका विकास तथा सबका विश्वास’’ के सिद्धान्त पर कार्य कर रहे हैं, जिससे देश में सामाजिक सद्भाव मजबूत हुआ है। राज्यपाल आर्य गुरुवार को राजभवन में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित गुरु रविदास धाम कुरुक्षेत्र की आधारशिला व सामाजिक समरसता भवन के प्रथम तल का उद्घाटन करने के पश्चात सामाजिक समरसता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर हिमाचल सरकार के मंत्री राजीव शहजल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला, राज्यपाल की सचिव डॉ.जी. अनुपमा, सुरेश राठौर विधायक उत्तराखण्ड, डॉ.सिकन्दर कुलपति शिमला विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश व सूरजभान कटारिया उपस्थित थे। राज्यपाल श्री आर्य ने अपने ऐच्छिक कोष से गुरु रविदास धाम के निर्माण के लिए 15 लाख रूपये और सामाजिक समरसता भवन की चार दीवारी व अन्य कार्यों के लिए भी 15 लाख देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ऐसे समाज की शासन व्यवस्था चाहते थे, जहां कोई भी भूखा न सोये और छोटे बड़े की कोई भावना न रहे। सभी मनुष्य समान हों। गुरु रविदास जी महाराज आज अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में सुविख्यात है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी के साथ ही गुरु नानक जी, भगवान महात्मा बुद्ध , कबीरदास जी और बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी का दर्शन समाज में एक नई सांस्कृतिक परिवर्तन की लहर प्रदर्शित कर रहा है। कोई भी इन्सान ऊँचा उठना चाहे तो वह संघर्ष, कड़ी मेहनत, ईमानदारी, समाज सेवा और प्रभु-भक्ति से ही ऊँचा उठ , महान बन सकता है। राज्यपाल आर्य ने कहा कि गुरु रविदास जी की वाणी आज भी प्रासंगिक है। सन्त शिरोमणी गुरु रविदास विश्व महापीठ गुरू रविदास जी के सन्देश को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य कर रही है। विश्व महापीठ के कार्यों से गरीब समाज को एक नया रास्ता मिल रहा है।देश में सामाजिक सदभाव हुआ मजबूत:आर्य
राज्यपाल ने चंडीगढ़ से रखी कुरूक्षेत्र में रविदास धाम की आधारशिला
चंडीगढ़, 28 जनवरी। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सामाजिक समरसता के चिंतन को आगे बढ़ाते हुए ‘‘सबका साथ-सबका विकास तथा सबका विश्वास’’ के सिद्धान्त पर कार्य कर रहे हैं, जिससे देश में सामाजिक सद्भाव मजबूत हुआ है। राज्यपाल आर्य गुरुवार को राजभवन में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित गुरु रविदास धाम कुरुक्षेत्र की आधारशिला व सामाजिक समरसता भवन के प्रथम तल का उद्घाटन करने के पश्चात सामाजिक समरसता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर हिमाचल सरकार के मंत्री राजीव शहजल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला, राज्यपाल की सचिव डॉ.जी. अनुपमा, सुरेश राठौर विधायक उत्तराखण्ड, डॉ.सिकन्दर कुलपति शिमला विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश व सूरजभान कटारिया उपस्थित थे। राज्यपाल श्री आर्य ने अपने ऐच्छिक कोष से गुरु रविदास धाम के निर्माण के लिए 15 लाख रूपये और सामाजिक समरसता भवन की चार दीवारी व अन्य कार्यों के लिए भी 15 लाख देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ऐसे समाज की शासन व्यवस्था चाहते थे, जहां कोई भी भूखा न सोये और छोटे बड़े की कोई भावना न रहे। सभी मनुष्य समान हों। गुरु रविदास जी महाराज आज अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में सुविख्यात है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी के साथ ही गुरु नानक जी, भगवान महात्मा बुद्ध , कबीरदास जी और बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी का दर्शन समाज में एक नई सांस्कृतिक परिवर्तन की लहर प्रदर्शित कर रहा है। कोई भी इन्सान ऊँचा उठना चाहे तो वह संघर्ष, कड़ी मेहनत, ईमानदारी, समाज सेवा और प्रभु-भक्ति से ही ऊँचा उठ , महान बन सकता है। राज्यपाल आर्य ने कहा कि गुरु रविदास जी की वाणी आज भी प्रासंगिक है। सन्त शिरोमणी गुरु रविदास विश्व महापीठ गुरू रविदास जी के सन्देश को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य कर रही है। विश्व महापीठ के कार्यों से गरीब समाज को एक नया रास्ता मिल रहा है।