चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षक अब आपसी सहमति के साथ तबादले करवा सकेंगे। सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव की तैयारी कर ली है। नई नीति के तहत शिक्षकों के म्यूचुअल ट्रांसफर हो सकेंगे। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने इस योजना के लिए विभागीय अधिकारियों को ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पहले शिक्षा विभाग के आला अफसरों के साथ भी बैठक भी की जाएगी ताकि म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए कोई फार्मूला निकाला जा सके। अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो इसका फायदा जेबीटी (जूनियर बेसिक टीचर) शिक्षकों को ही नहीं, टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को भी मिलेगा।
हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को लागू किया गया है। पंजाब व उत्तर प्रदेश ने भी हरियाणा की इस पॉलिसी को लागू किया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे जेबीटी शिक्षक हैं, जो अपने गृह जिलों या साथ लगते जिलों में लौटना चाहते हैं। पूर्व की हुड्डा सरकार के समय अगस्त-2014 में हुई जेबीटी भर्ती में चयनित हुए शिक्षकों में से 70 प्रतिशत तक शिक्षक अपने गृह जिलों से दूर हैं।
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इस समय हरियाणा में जेबीटी के करीब 30 हजार, टीजीटी के 36 हजार तथा पीजीटी शिक्षकों की संख्या 20 हजार के करीब है। जेबीटी को पहली से पांचवीं तक, टीजीटी को छठी से आठवीं तक तथा पीजीटी शिक्षकों को नौंवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। टीजीटी और पीजीटी के ऑनलाइन ट्रांसफर एक जिले से दूसरे जिले में हो जाते हैं लेकिन जेबीटी को एक ही जिले के किसी ब्लॉक के स्कूल में ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल होने की इजाजत मिलती है।
जेबीटी शिक्षक जिला कॉडर में आते हैं। ऐसे में एक बार जिला अलॉट होने के बाद उनकी दूसरे जिलों में ट्रांसफर नहीं हो पाती। उस समय भी भर्ती के नतीजों के बाद इन शिक्षकों को टेम्परेरी तौर पर जिले अलॉट किए गए थे। वर्तमान में इन जेबीटी शिक्षकों को नये सिरे से जिलों की अलॉटमेंट होने की कोई संभावना नहीं है। इसी के चलते शिक्षा मंत्री ने म्यूचुअल ट्रांसफर की नीति बनाने का मन बनाया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल के अनुसार इस योजना पर काम चल रहा है। जल्द ही मुख्यमंत्री से बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा।