चंडीगढ़, 14 जनवरी। हरियाणा में अंत्योदय सरल पोर्टल का और अधिक विस्तार करते हुए सभी नोडल अधिकारियों को 26 जनवरी तक परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) का एकीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने अंत्योदय सरल परियोजना में सभी विभागों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
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डॉ.राकेश गुप्ता ने कहा कि सभी सरकारी सेवाओं और योजनाओं को नागरिकों (जी2सी) तक एक एकीकृत मंच के माध्यम से समयबद्ध एवं बेहतर तरीके से पहुंचाने के दृष्टिकोण से अंत्योदय सरल मंच विकसित किया गया है। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. गुप्ता ने सभी सरकारी योजनाओं के निर्बाध एकीकरण और राज्यभर में नागरिक सेवाओं के लिए इसे वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना सुनिश्चित करने हेतु निरंतर कार्य करने के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने हाल ही में अंत्योदय सरल पोर्टल के लिए ‘एक्सीलेंस इन डिजिटल गवर्नेंस- स्टेट / यूटी’, डिजिटल इंडिया अवाड्र्स 2020 की श्रेणी के तहत प्लेटिनम अवार्ड प्राप्त करने करने के लिए सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि दक्षता और नागरिक केंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करने की मुख्यमंत्री की परिकल्पना को पूरा करने के लिए ‘ई-ऑफिस’, ‘परिवार पहचान पत्र’ और ‘मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली’ जैसी अनेक ई-गवर्नेंस परियोजनाएं पूरा होने के चरण में हैं और राज्य सरकार ‘पेपरलेस ऑफिस’ की ओर बढ़ रही है।
बैठक में बताया गया कि 540 से अधिक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को सरल पोर्टल पर एकीकृत किया गया है, हर महीने पोर्टल पर छह लाख से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, हर महीने आवेदन की ट्रेकिंग के लिए लगभग 20 लाख संदेश भेजे जाते हैं और अंत्योदय पोर्टल हेल्पलाइन पर हर महीने औसतन एक लाख कॉल्स आती हैं।