रजिस्ट्री घोटाले में नपेंगे पांच दर्जन अधिकारी!
डिप्टी सीएम के आदेश पर मंडल आयुक्तों ने की जांच
तीन साल की रजिस्ट्रियों में मिली गड़बड़ी
डीटीपी व तहसीलदार से लेकर रजिस्ट्री क्लर्क तक मिले दागी
चंडीगढ़, 09 जनवरी। हरियाणा में पूर्व वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कार्यकाल के दौरान हुई रजिस्ट्रियों में भारी अनियमितताएं मिली हैं। जिसके चलते पांच दर्जन से अधिक दागी अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अगले सप्ताह प्रदेश सरकार इन दागी कर्मचारियों व अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई कर सकती है। मंडल आयुक्तों ने यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के निर्देश पर की है।
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हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान कई जिलों में बगैर एनओसी के रजिस्ट्रीयां करने का मामला सामने आया था। इस मामले में कार्रवाई के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री दुष्यंत चौटाला ने सभी जिला उपायुक्तों तथा मंडल आयुक्तों को वर्ष 2017 से अब तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच करने के निर्देश दिए थे। यह अवधि मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल की थी। उस समय राजस्व विभाग कैप्टन अभिमन्यु के पास था।
दुष्यंत चौटाला के निर्देेशों पर कार्रवाई करते हुए अंबाला, हिसार, करनाल, गुरुग्राम तथा रोहतक के मंडल आयुक्तों ने वर्ष 2017 से लेकर अब तक हुई रजिस्ट्रियों के रिकार्ड की जांच की तो उनमें भारी अनियमितताएं मिली हैं।
सूत्रों के अनुसार करनाल व गुरूग्राम के मंडल आयुक्तों द्वारा पिछले सप्ताह जांच रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी। रोहतक के मंडल आयुक्त ने इसी सप्ताह जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी है। हिसार व अंबाला मंडल आयुक्तों द्वारा भी सोमवार को रिपोर्ट भेजी जा रही है। इस रिपोर्ट में 60 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को दागी माना गया है। हरियाणा में वर्ष 2017 से अब तक हुई रजिस्ट्रियों में अनियमितताओं की रिपोर्ट आ चुकी है। जिसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क, जिला योजनाकार, जेई के अलावा तहसीलों में तैनात रिकार्ड मैंटन करने वाला स्टाफ तथा कंप्यूटर आप्रेटरों को आरोपी माना गया है। माना जा रहा है कि सरकार अगर इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करती है तो प्रदेश में कई तहसीलदारों पर कार्रवाई हो सकती है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विभागीय अधिकारियों को मंडल आयुक्तों के पास से आई रिपोर्ट का रिव्यू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।