वन विकास निगम चेयरमैन ने किया किसानों का समर्थन
बोले कृषि कानूनों को दोबारा विचार करे सरकार
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के एक और चेयरमैन कृषि कानूनों के समर्थन में आ गए हैं। वन विकास निगम के चेयरमैन एवं नीलोखेड़ी से निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानून किसान हितेषी नहीं हैं। जिसके चलते देशभर के किसान इसका विरोध कर रहे हैं।
हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन सोमवीर सांगवान समेत कई विधायक एवं चेयरमैन कृषि कानूनों का विरोध कर चुके हैं। मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों को कानून अच्छे नहीं लग रहे हैं तो सरकार को कानून रद्द करने चाहिए।
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गोंदर ने कहा कि वह किसानों के पक्ष में हैं। उन्होंने जजपा-भाजपा नेताओं की गांवों में एंट्री बैन करने को भी गलत करार दिया। उनका कहना था कि एंट्री बंद करना समस्या का हल नहीं है, बल्कि सरकार को किसानों के बीच में जाकर बातचीत करनी चाहिए। धर्मपाल गोंदर ने कहा कि कृषि कानून व किसान आंदोलन पर अपना रूख स्पष्ट नहीं किया। उनका कहना था कि जिस तरह नोटबंदी, अनुच्छेद-370 व तीन तलाक के परिणाम बाद में देखने को मिले हैं, उसी तरह कृषि कानूनों का फायदा भी बाद में ही समझ में आएगा।
उन्होंने किसान आंदोलन का पक्ष लेते हुए यह भी कहा कि यदि किसानों को कानून अच्छे नहीं लग रहे हैं तो सरकार को इन्हें रद्द कर देना चाहिए। उनको जनता ने जिताया है और वे जनता के साथ खड़े हैं। वे किसानों का दर्द भलीभांति समझते हैं और किसानों के साथ खड़े हैं। धर्मपाल गोंदर ने कहा कि बातचीत से ही समस्या का हल निकलेगा। किसान आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। इससे बड़ा आंदोलन उन्होंने आज तक नहीं देखा है, जो इतने शांतिपूर्ण तरीके से चला हो।