दलित विद्यार्थियों को मिलेगी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप:बनवारी लाल
केंद्र सरकार ने मंजूर किए साठ हजार करोड़
शिक्षा विभाग को बनाया नोडल एजेंसी
चंडीगढ़। हरियाणा के सहकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों के शिक्षा को आधार को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को मंजूरी दी है। इसका फायदा प्रदेश के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
मंगलवार को चंडीगढ़ सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में बनवारी लाल ने कहा कि हरियाणा में इस योजना में अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के विद्यार्थियों को शामिल करने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। आनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले विद्यार्थियों के खाते में सीधी स्कॉलरशिप जाएगी।
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बनवारी लाल ने कहा कि कोरोना काल में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की पढ़ाई का हुआ है। अनुसूचित जाति के छात्रों को ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है। हरियाणा में बहुत से विद्यार्थी पढ़ाई बीच में छोडऩे को मजबूर हुए हैं। सहकारिता मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से मंजूर की गई छात्रवृत्ति में 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार देगी। छात्रवृत्ति के लिए दलित परिवार की आय 2.50 लाख रुपये कम होनी चाहिए। 11वीं कक्षा से लेकर प्रोफेशनल कोर्स करने वाले सभी तमाम विद्यार्थी योजना का लाभ उठा सकें।
बनवारी लाल ने विभाग की ओर से वर्ष 2019-20 में दी गई छात्रवृत्ति के आंकड़ों को भी सांझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 290 करोड़ रुपये राशि छात्रवृत्ति पर खर्च की गई है जबकि मौजूदा वर्ष 2020-21 में 200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। फिलहाल पोस्ट मेट्रिक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति मेडिकल रिसर्च और डयेरी विभाग की लंबित है। इससे भी जल्द ही आवंटित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग की ओर से ही छात्रवृत्ति के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग केवल रजिस्ट्रेशन के आधार पर बजट आवंटित करेगा।