हरियाणा में पूर्व सैनिक बनेंगे जेल वार्डर
राज्य सरकार ने 218 पदों को दी मंजूरी
एक साल के लिए भर्ती होंगे ‘वालंटियर जेल वार्डर’
चंडीगढ़। स्टाफ की कमी से जूझ रही हरियाणा की जेलों में बहुत जल्द पूर्व सैनिक मोर्चा संभालेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा मंजूरी प्रदान किए जाने के बाद अब 16 जनवरी से प्रदेश की 13 जिला जेलों में साक्षात्कार शुरू होने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों को एक साल के लिए ‘वालंटियर जेल वार्डर’ के रूप में भर्ती करने का फैसला किया है।
हरियाणा की जेलों में कर्मचारियों का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। नियमित भर्ती नहीं किए जाने की एवज में जेल मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने अधिकारियों को पूर्व सैनिकों को अनुबंध के आधार पर भर्ती करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी किए थे।
जेल विभाग के इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। जिसके तहत 219 ‘वालंटियर जेल वार्डर’ भर्ती किए जाएंगे। सबसे अधिक 58 जेल वार्डर रेवाड़ी की जिला जेल में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा गुरुग्राम स्थित भोंडसी जिला जेल मेे 48 तथा हिसार जिला जेल में 39 तथा फरीदाबाद की जिला जेल में 33 वालंटियर जेल वार्डर भर्ती किए जाएंगे। इसके अलावा अंबाला, जींद, कैथल, करनाल, नारनौल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत तथा यमुनानगर की जेलों में भी वालंटियर वार्डर तैनात किए जाएंगे।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह भर्ती एक साल के लिए की जाएगी। इसके बाद इसका विस्तार भी हो सकता है। वालंटियर वार्डरों को सरकार द्वारा 18 हजार रुपय मासिक एकमुश्त दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार के नियमानुसार यह राशि उनके बैंक खातों में जमा करवाई जाएगी। इसके अलावा अगर वह कहीं सरकारी दौरे पर जाएंगे तो उन्हें तय शर्तों के अनुसार टीए-डीए भी दिया जाएगा।
हरियाणा की जेलों में 16 व 17 जनवरी को होने वाली इन भर्तियों के लिए किसी तरह की लिखित परीक्षा तथा शरीरिक मापतोल का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस पद के लिए सेना अथवा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में सेवा कम से कम पांच वर्ष की होनी चाहिए।
(SUBHEAD)
हरियाणा सरकार ने वालंटियर जेल वार्डरों को सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं दी जाएंगी। डयूटी के दौरान वालंटियर जेल वार्डर अगर किसी हादसे का शिकार होता है और उसकी मृत्यु होती है तो उसके आश्रितों को दस लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। डयूटी के दौरान स्थाई विकलांग होने पर एक से तीन लाख और गंभीर चोट लगने पर एक लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।