एआरआर की पब्लिक हियरिंग के लिए सुझाव और आपत्तियां मांगी गई
सालाना खर्चों के प्रबंध को लेकर आयोग पहुंची बिजली कंपनियां
एनुअल रेवन्यू रिक्वायरमेंट के बाद आयोग ने तय की सुनवाई की डेट
चंडीगढ़। हरियाणा की बिजली कंपनियों की याचिकाओं पर फैसला करने से पहले राज्य बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने पब्लिक हियरिंग करवाने का फैसला लिया है। बिजली कंपनियों द्वारा एएआर (एनुअल रेवन्यू रिक्वायरमेंट) के लिए आयोग का दरवाजा खटखटाया है। सेंट्रल इलैक्ट्रिसिटी एक्ट-2003 के तहत बिना आयोग की मंजूरी के बिजली निगमों की वार्षिक राजस्व जरूरत तय नहीं हो सकती।
आयोग द्वारा बिजली उत्पादन, प्रसारण व वितरण को लेकर सालाना बजट तय किया जाता है। हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम तथा दक्षिण व उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगमों द्वारा अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। दक्षिण व उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी आयोग में दस्तक दी हुई है। निगमों की स्मार्ट मीटर योजना पर आयोग पिछली डेट में बड़े सवाल खड़े कर चुका है।
इतना ही नहीं, आयोग ने दोनों निगमों को नोटिस जारी करके स्मार्ट मीटर लगाने में हुई देरी पर कड़ी फटकार भी लगाई है। 31 मार्च, 2021 तक 10 लाख स्मार्ट मीटर लगने थे, लेकिन अभी तक महज ढाई लाख के करीब ही मीटर लग पाए हैं। निगमों की ओर से कोरोना महामारी का हवाला देते हुए कहा कि कोविड-19 की वजह से इस काम में देरी हुई। अब जून के आखिर तक इसे पूरा करने का टारगेट रखा हुआ है। माना जा रहा है कि अब होने वाली सुनवाई में आयोग स्मार्ट मीटर पर भी स्टेटस रिपोर्ट तलब करेगा।
आयोग ने एचवीपीएन की पीटिशन पर 21 जनवरी को सुबह साढ़े 11 बजे, एचपीजीसीएल की याचिका पर इसी दिन दोपहर बाद 3 बजे वर्चुअल पब्लिक हियरिंग करने का फैसला लिया है। इसी तरह से यूएचबीवीएन की पीटिशन पर 28 जनवरी को सुबह साढ़े 11 बजे तथा डीएचबीवीएन की याचिका पर इसी दिन तीन बजे वर्चुअल पब्लिक हियरिंग होगी। चारों बिजली कंपनियों को आगामी वित्त वर्ष की एआरआर के लिए हर वर्ष 30 नवंबर से पहले अपना पूरा लेखा-जोखा एक पीटिशन की शक्ल में एचईआरसी में दाखिल करना होता है।
इसके बाद इन पटीशन पर पब्लिक से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाती हैं। इसके लिए एचईआरसी ने एचवीपीएन तथा एचपीजीसीएल के लिए 18 जनवरी तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा है तथा यूएचबीवीएन व डीएचबीवीएन के लिए 25 जनवरी तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा है। इन चारों कंपनियों की पटीशनस इन कंपनियों की वेबसाइट के साथ एचईआरसी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जहां से पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है।
इन सुझावों और आपत्तियों के साथ पब्लिक हियरिंग करके ही आयोग इन एआरआर पर अपना निर्णय देता है। यहां बता दें कि वैश्विक कोरोना महामारी के चलते एचईआरसी भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तर्ज पर वर्चुअल हियरिंग कर रहा है। जहां पहली जनवरी से लेकर 16 मार्च तक मैनुअल हियरिंग होती थी, इस दौरान 43 हियरिंग हुई थी। लेकिन बाद में कोरोना महामारी के चलते मैनुअल हियरिंग बंद हो गई, 17 मार्च से लेकर 25 मई तक यहां हियरिंग बंद रही। उसके बाद 26 मई से लेकर 31 दिसंबर तक वर्चुअल हियरिंग हुई है, इस दौरान 166 पिटीशनस की वर्चुअल हियरिंग की गई है।