हरियाणा के निकाय कर्मियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
15 जनवरी को प्रदेश के निकाय कार्यालयों पर झाड़ू प्रदर्शन का ऐलान
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने से गुस्साए पालिका, परिषद और निगमों के कर्मचारियों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने 15 जनवरी को सभी निगम आयुक्तों एवं पालिका व परिषद आयुक्तों (डी.एम.सी.) के कार्यालयों पर झाड़ू प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने आज यहां जारी एक जानकारी में बताया कि हरियाणा सरकार ने चुनाव से पहले निकायों में ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करने का ऐलान किया था।
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इसके अलावा कोरोना संक्रमण से मौत होने पर मृतक कर्मचारी के आश्रितों को 50 लाख रुपए विशेष आर्थिक सहायता राशि देने, चार हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, क्षेत्रफल आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारी, सीवर मैन, अग्निशामक तथा चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के नए पद सृजित करने, ठेका प्रथा समाप्त कर स्थानीय निकायों में लगे सभी कर्मचारियों को विभाग के रोल पर करने, दो वर्ष के कार्य अवधि पूरा करने के बाद बिना शर्त ठेका प्रथा आउटसोर्सिंग में लगे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन देने, नियमित अग्निशामक कर्मचारियों को एसीपी का लाभ देने, पालिकाओं एवम मार्किट कमेटियों के 1366 अनुबंधित अग्निशामको को सृजित 2268 पदों के विरुद्ध समायोजित करने,नई पेंशन स्कीम को समाप्त कर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, सहित अन्य मानी गई मांगो के पत्र तुरंत प्रभाव से जारी करने की मांग करेंगे। शास्त्री ने सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा 12 जनवरी को जिला उपायुक्त कार्यालय पर किए जाने वाले घेराव में पालिका, परिषद और निगमों के कर्मचारी बढ़ चढ़ कर शामिल होंगे।