हरियाणा-पंजाब के किसानों में फूट डाल रही सरकार:सांगवान
एसवाईएल पर पांच साल में प्रधानमंत्री से नहीं हुई बैठक
समर्थन वापस लेने वाले निर्दलीय विधायक ने खोला मोर्चा
कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया तो संघर्ष होगा तेज
चंडीगढ़। हरियाणा में दादरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि साजिश के तहत एसवाईएल का मुद्दा उठाकर पंजाब व हरियाणा के किसानों में फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है।
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शनिवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में सोमवीर सांगवान ने कहा कि वर्तमान परिवेश में एसवाईएल कोई मुद्दा नहीं है। इसे सरकार ने जानबूझ कर लटकाया हुआ है। कृषि कानूनों के विरोध में सोमवीर सांगवान ने पहले पशुधन विकास बोर्ड चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सांगवान खाप के बढ़ते दबाव के बीच सोमवीर ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।
भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद सोमवीर सांगवान लगातार किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल तथा अन्य भाजपा नेताओं द्वारा एसवाईएल के मुद्दे पर रखे गए उपवास को खारिज करते हुए सोमवीर सांगवान ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है। मुख्यमंत्री पिछले पांच साल में प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक नहीं करवा सके हैं।
किसान आंदोलन के बीच सरकार को अचानक एसवाईएल की याद आने का मतलब साफ है कि आंदोलन में जुटे पंजाब व हरियाणा के किसानों में फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून गलत बनाए हैं, वह किसी भी सूरत में किसानों के हित में नहीं हैं। पहले भी कानून रद्द होते आए हैं। इसलिए सरकार को तीनों कृषि कानून रद्द करने चाहिए। इससे कम किसान संगठन बिल्कुल नहीं मानेंगे। एक सवाल के जवाब में सांगवान ने कहा कि अगर सरकार द्वारा कृषि कानूनों को रद्द कर दिया जाता है तो भी वह अब हरियाणा सरकार में चेयरमैन या अन्य कोई पद नहीं लेंगे।