बोले दुष्यंत, नयी उद्योग एवं रोजगार नीति से युवाओं को मिलेगी बंपर नौकरियां
कहा-पिछड़े जिलों और गांवों में औद्योगिक विकास पर फोकस करेगी सरकार
गांवों की पंचायती जमीन पर होंगे उद्योग-धंधे स्थापित, रोजगार के नए अवसर होंगे पैदा
चंडीगढ़, 24 दिसंबर। प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार पहले से औद्योगिक रूप से विकसित शहरों के साथ पिछड़े हुए जिलों और गांवों में औद्योगिक विकास पर फोकस करेगी। गांवों में पंचायती जमीन पर उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। नयी उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत ग्रामीण विकास योजना शुरू होगी। इसके जरिये न केवल ग्राम पंचायतों की आमदन बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे। इस नीति से राज्य में अगले पांच साल में एक लाख करोड़ के निवेश होने की उम्मीद है। प्रदेश में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय दुष्यंत के पास ही है। बुधवार को हरियाणा कैबिनेट ने नई उद्योग नीति को मंजूरी दी है। इसी नीति को लेकर गुरूवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सेवा का अधिकार कानून में बदलाव सहित एमएसएमई क्षेत्र पर खास ध्यान दिया गया है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गांवों में औद्योगिक विकास के लिए महिलाओं और अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा चलाए जाने वाले सूक्ष्म उद्योगों और स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जाएगा। हरियाणा ग्रामीण औद्योगिक योजना के तहत 20 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 15 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी सरकार देगी। 8 लाख रुपये तक की राशि पर 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और डीजी सेट की लागत में 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देगी। स्टार्टअप के तहत काम करने वाले युवाओं को 5 वर्षों के लिए 20 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मुहैया करवाई जाएगी। इस पर 8 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी सरकार देगी। इसी तरह से 10 लाख रुपये तक सीड ग्रांट सरकार मुहैया कराएगी। ऐसे उद्योगों को सात वर्ष तक 100 प्रतिशत स्टेट जीएसटी रिटर्न सरकार करेगी।
दुष्यंत ने कहा कि इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रोजेक्ट की कुल कोस्ट पर 40 करोड़ रुपये तक की राशि पर 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता सरकार करेगी। इसमें 80 प्रतिशत स्टॉम्प ड्यूटी वापस होगी। एक सवाल के जवाब में दुष्यंत ने कहा कि नई नीति से अगले एक साल में 5 लाख नौकरियों के अवसर मिलेंगे और राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति के द्वारा निर्यात को दोगुना करते हुए 2 लाख करोड़ रुपये किया गया है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मेगा और अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट्स में श्रमिक कानूनों से रियायत दी जाएगी। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 को छोड़कर बाकी सभी में यह रियायत लागू होगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अनुसार नई नीति से इको-सिस्टम मजबूत करने पर जोर रहेगा। उर्जा से संबंधित उद्योगों को फैक्ट्री कानून- 1948 से छूट के लिए श्रमिकों की न्यूनतम संख्या 20 से बढ़ाकर 40 की गई है। नयी नीति में एक अहम बात यह भी है कि सभी इंडस्ट्रियल एरिया में 5 प्रतिशत जगह भंडारण गतिविधियों के लिए रिजर्व रहेगी। यानी इस एरिया में गोदाम बनाए जा सकेंगे। उद्योगों में स्थानीय युवाओं का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नयी नीति में आर्थिक मदद का प्रावधान किया है। इसके तहत इंडस्ट्री में स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर 48 हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रति व्यक्ति के हिसाब से सरकार उद्योग को देगी। नयी योजनाओं को लेकर किए सवाल पर दुष्यंत ने कहा कि सोनीपत में मैगा फूड पार्क स्थापित होगा और करनाल के उचानी में एग्री टेस्टिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा।