मंत्रिमंडल बैठक : 37 एजेंडों को मिली मंजूरी, मानेसर को मिला नगर निगम का दर्जा
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली महंगी, लगेगा दो फीसद पंचायत कर
चंडीगढ़, 23 दिसम्बर । हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में 37 एजेंडों को मंजूरी दी गई। मानेसर को नगर निगम का दर्जा देने को हरी झंडी मिली तो ग्रामीण क्षेत्रों में महंगी बिजली का करंट भी लगा। अब बिजली बिल पर दो फीसद पंचायत कर ग्रामीणों को चुकता करना होगा। इसके साथ ही नई उद्योग एवं रोजगार नीति 2020 को मंजूरी दी गई।
बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम एजेंडों को पारित किया गया। हरियाणा में अब योग आयोग का गठन होगा तो ग्रुप सी की भर्ती के कॉमन टेस्ट को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्य रूप से सहायक आयुक्त, अतिरिक्त सहायक आयुक्त और हरियाणा में अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के पदों के उम्मीदवारों के लिए नियम-1 और 9 में संशोधन का अनुमोदन किया। अब नियम-1 के तहत इन पदों के लिए विभागीय परीक्षा साल में तीन बार होगी। उम्मीदवार को देवनागरी लिपि में हिन्दी में कम से कम आधे अंक प्राप्त करने होंगे।
इसके साथ ही सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए सरकारी भूमि के अंतर-विभागीय हस्तांतरण संबधित विधियों की रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान करना। एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण के लिए कॉमन कैडर बनाने को भी हरी झंडी दी गई।
वहीं करनाल, पानीपत और शाहबाद चीनी मिलों में नये चीनी संयंत्र व सह-उत्पादन संयंत्र और एथनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए 235 करोड़ रुपये के सावधि ऋण के लिए राज्य सरकार की गारंटी पर दिया जाएगा। गांव डाहर जिला पानीपत में 28 मेगावॉट सह-उत्पादन संयंत्र के साथ प्रतिदिन 5,000 टन गन्ना पिराई क्षमता की चीनी मिल को स्वीकृत दी गई। इसी प्रकार करनाल में 18 मेगावॉट सह-उत्पादन संयंत्र के साथ प्रतिदिन 3,500 टन गन्ना पिराई क्षमता की चीनी मिल को मंजूरी मिली, इसका विस्तार प्रतिदिन 5,000 टन गन्ना पिराई क्षमता तक किया जाएगा। वहीं शाहबाद चीनी मिल में प्रतिदिन 60 किलो लिटर क्षमता के एथनॉल प्लांट मंजूर किया गया।
जिला रेवाड़ी में ज्वारा-गोदाना सडक़ (हेली मण्डी-पालावास सडक़) पर 9.500 कि.मी. पर नये टोल प्वाइंट को मंजूरी दी गई। वन विभाग को सडक़ों से दूर लोक निर्माण विभाग की 30.85 हैक्टेयर सरप्लस भूमि के हस्तांतरण की जाएगी।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड को ऋण सुविधाओं की अनुमति के लिए वाणिज्यिक बैंकों के पक्ष में 900 करोड़ रुपये की राज्य सरकार द्वारा गारण्टी प्रदान करना। गांव चांदपुरा जिला अम्बाला में राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना के लिए आयुश विभाग को नगर परिषद, अम्बाला सदर की 61 कनाल 13 मरला भूमि के हस्तांतरण किया जाएगा। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को राज्य सरकार की ब्लॉक गारण्टी लिमिट 15 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त निगम को राज्य सरकार की ब्लॉक गारण्टी लिमिट 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किए गए। हरियाणा विकास एवं विनियमन, शहरी क्षेत्र अधिनियम-1975 की धारा 9-ए के तहत अधिसूचित वहनीय आवास नीति-2013 में संशोधन किया गया। फरीदाबाद मेट्रोपोलिटन डेवेलपमेंट अथॉरिटी को रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बनाने का फैसला लिया गया। एच.डी.एफ.सी. बैंक सेक्टर-6 पंचकूला से हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड को 100 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा का लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार की गारंटी देने भी स्वीकृति दी गई।