कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले
नई उद्योग और रोजगार नीति 2020 को भी मंजूरी
चंडीगढ़, 23 दिसंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मानेसर में नए नगर निगम के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके अधिकार क्षेत्र में 29 गांव शामिल होंगे। यह जानकारी हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कैबिनेट बैठक के बाद दी है। मौजूदा समय में हरियाणा में 10 नगर निगम हैं।
मानेसर को मिलाकर ये संख्या 11 हो जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में नई उद्योग और रोजगार नीति 2020 को भी मंजूरी दे दी। नई नीति 1 जनवरी 2021 से दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी। इसके अलावा सीनियर मेडिकल आफिसर की भर्ती सीधे विभाग की गठित कमेटी द्वारा करने पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। अब 25 फीसद एसएमओ के पद भरे जा सकेंगे। सरकार ने हरियाणा योग आयोग के गठन को मंजूरी दी। ग्रुप सी की भर्ती के लिए कामन टेस्ट को मंजूरी दी। इस परीक्षा की वैधता तीन साल रहेगी। कैबिनेट राज्य में रियल इस्टेट क्षेत्र को बड़ी राहत देने की संभावना जताई गई थी। कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
कैबिनेट की बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्रों का विकास और विनियमन अधिनियम, 1975 और नियम 1976-लाइसेंस का माइग्रेशन आदि, में संशोधन के सम्बन्ध में एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमण्डल की बैठक में, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एचसीएमएस-गु्रप ए) के पदों को हरियाणा लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर निकालकर इन पदों की 25 प्रतिशत सीधी भर्ती उसी विभागीय उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति के माध्यम से करने की मंजूरी दी गई जिसने चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की थी। राज्य में निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के 74 से अधिक रिक्त पदों को 25 प्रतिशत कोटा के समक्ष सीधी भर्ती द्वारा तत्काल भरा जाना है।
हरियाणा विद्युत ठेकेदार लाइसेंस, योग्यता प्रमाण-पत्र तथा वायरमैन परमिट नियम, 2020 बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हरियाणा में 'कारोबार की सहूलियतÓ की योजना को लागू करने और आम जनता की सुविधा के लिए इन नियमों के तहत प्रदान की जा रही सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए इन नियमों में संशोधन किए गए हैं।
इसके अलावा बैठक में जिला रेवाड़ी में 9.500 किलोमीटर पर जावरा-गोदाना सड़क (हेली-मंडी पलवास सड़क) पर नये टोल प्वाइंट की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस सड़क पर टोल प्वाइंट की स्थापना राज्य सरकार के हित में होगी क्योंकि इससे राज्य के खजाने के लिए अच्छा राजस्व प्राप्त होगा। मंत्रिमंडल ने इस नए टोल की समयावधि की वैधता को 31 मार्च, 2022 तक की मंजूरी दी है क्योंकि सभी चल रहे टोल प्वाइंटस की समयावधि 31 मार्च, 2022 तक है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के लिए राज्य सरकार की ब्लॉक गारंटी सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की स्वीकृति प्रदान की गई। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की स्थापना 2 जनवरी, 1971 को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत की गई थी, जिसका एकमात्र उद्देश्य राज्य में सफाई कर्मचारियों को सामाजिक-आर्थिक लाभ का पैकेज प्रदान करना है।
मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के लिए राज्य सरकार की ब्लॉक गारंटी सीमा को 15 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में सहायक आयुक्तों, अतिरिक्त सहायक आयुक्तों और उम्मीदवारों को हरियाणा में अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के पदों के लिए विभागीय परीक्षा के नियमों के नियम एक और नौ में संशोधन की मंजूरी प्रदान की गई है।
ग्रुप-सी कर्मचारी (सेवा में भर्ती और शर्तें) विधेयक, 2020 पारित किया गया, जिसके अंतर्गत राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों को पदोन्नति के समान अवसर उपलब्ध कराने और एक विभाग से दूसरे विभाग में कर्मचारी के स्थानांतरण के लिए समान कार्यकाल के लिए स्वीकृति दी गई है। इस बिल के लागू होते ही सभी विभागों के ग्रुप-सी पदों के कर्मचारियों के लिए एक कॉमन कैडर का गठन किया जाएगा, जो सभी विभागों में एक सामान्य होगा, ताकि कर्मचारियों को आगे पदोन्नति के लिए समान अवसर मिलें और उन्हें निर्धारित कार्यकाल या उससे पूर्व ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत एक डिपार्टमेंट से दूसरे में ट्रांसफर किया जा सके।